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Ghazipur News: बाला फीचर्स से लैस होंगे को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र
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नौ आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन किया गया
25 हजार की धनराशि एसएमसी के खाते में भेजी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ शिक्षा को रोचक बनाकर सरकार बच्चों के सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सीएम के निर्देश पर परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में खेलों के माध्यम से सीखने की कला विकसित की जाएगी। इसके लिए अब परिषदीय प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को बाला फीचर्स से लैस किया जाएगा।
इसके लिए सरकार की ओर से प्रति केंद्र 25 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की गई है। जिले में चार हजार 127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 868 आंगनबाड़ी केंद्र परिषदीय प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में संचालित हैं। इसमें नौ आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन बाला फीचर्स के लिए किया गया है।
बाला से तात्पर्य बिल्डिंग एज़ लर्निंग एड है। बाला का विकास कक्षा-कक्ष एवं विद्यालय के बच्चों के लिए मजे एवं आनंद की जगह बनाने में सहायक होता है। बाला के अंतर्गत कक्षा-कक्ष-आंगनबाड़ी केंद्र में उपलब्ध स्थान इस प्रकार तैयार करना कि बच्चे खेल-खेल में सीख सकें और उस स्थान का सुसज्जीकरण इस प्रकार हो कि वह एक संसाधन के रूप में कक्षा को सक्रिय बना सकें। ऐसे विद्यालय जिनके परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र अवस्थित हैं, उन विद्यालयों की प्रबंध समिति के खाते में धनराशि की लिमिट जारी की जाएगी।
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संबंधित विद्यालय एवं खंड शिक्षा अधिकारी राज्य परियोजना कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में बाला फीचर्स के कार्य को कराएंगे। विद्यालयों की प्रबंध समिति में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अतिरिक्त संबंधित विद्यालय के नोडल अध्यापक एवं आमंत्रित सदस्य के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया जाएगा।
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विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में निर्धारित धनराशि भेज दी गई है। बीएसए की तरफ से सभी खंड शिक्षाधिकारियों को संबंधित विद्यालयों में बाला फीचर्स के कार्य कराए जाने का निर्देश दिया गया है।- अनुपम गुप्ता, जिला समन्वयक प्रशिक्षण
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25 हजार की धनराशि एसएमसी के खाते में भेजी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ शिक्षा को रोचक बनाकर सरकार बच्चों के सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सीएम के निर्देश पर परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में खेलों के माध्यम से सीखने की कला विकसित की जाएगी। इसके लिए अब परिषदीय प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को बाला फीचर्स से लैस किया जाएगा।
इसके लिए सरकार की ओर से प्रति केंद्र 25 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की गई है। जिले में चार हजार 127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 868 आंगनबाड़ी केंद्र परिषदीय प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में संचालित हैं। इसमें नौ आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन बाला फीचर्स के लिए किया गया है।
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बाला से तात्पर्य बिल्डिंग एज़ लर्निंग एड है। बाला का विकास कक्षा-कक्ष एवं विद्यालय के बच्चों के लिए मजे एवं आनंद की जगह बनाने में सहायक होता है। बाला के अंतर्गत कक्षा-कक्ष-आंगनबाड़ी केंद्र में उपलब्ध स्थान इस प्रकार तैयार करना कि बच्चे खेल-खेल में सीख सकें और उस स्थान का सुसज्जीकरण इस प्रकार हो कि वह एक संसाधन के रूप में कक्षा को सक्रिय बना सकें। ऐसे विद्यालय जिनके परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र अवस्थित हैं, उन विद्यालयों की प्रबंध समिति के खाते में धनराशि की लिमिट जारी की जाएगी।
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संबंधित विद्यालय एवं खंड शिक्षा अधिकारी राज्य परियोजना कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में बाला फीचर्स के कार्य को कराएंगे। विद्यालयों की प्रबंध समिति में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अतिरिक्त संबंधित विद्यालय के नोडल अध्यापक एवं आमंत्रित सदस्य के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया जाएगा।
विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में निर्धारित धनराशि भेज दी गई है। बीएसए की तरफ से सभी खंड शिक्षाधिकारियों को संबंधित विद्यालयों में बाला फीचर्स के कार्य कराए जाने का निर्देश दिया गया है।- अनुपम गुप्ता, जिला समन्वयक प्रशिक्षण