पूर्व मध्य रेलवे के तहत आने वाला ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्टेशनों के सफाई व्यवस्था करने के लिए वर्षों से तैनात सफाई कर्मियों की सेवा समाप्ति से स्टेशनों पर सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। स्टोशनों पर सफाई कार्य से हटाए गए सफाई-कर्मियों के समक्ष अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया हैं। सफाई कर्मियों ने रेल प्रशासन से मांग किया कि जल्द संविदा पद से हटाए गए कर्मियों को पद पर रखा जाए, ताकि स्टेशनों पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने के साथ उनकी आर्थिक व्यवस्था पटरी पर आ सके। मालूम हो कि रेलवे के द्वारा पिछले 2020 मार्च माह में कोरोना संक्रमण के कारण संविदा पर ताड़ीघाट, दरौली, तुलसी आश्राम, धीना, सकलडीहा, भदौरा, गहमर आदि स्टेशन पर रखे दर्जन भर कर्मियों को विभाग के द्वारा उनकी सेवा समाप्त कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, लेकिन यह नहीं बताया गया कि किन कारणों से यह फैसला लिया गया है तथा उन्हें कब बहाल किया जाएगा, इसके चलते संशय की स्थिति है। सेवा समाप्ति के चलते सफाई कर्मियों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। रेलवे ने सफाई को लेकर पिछले पांच वर्ष पहले इन्हें संविदा पर रखा था। संविदा समाप्त होने से बीते सोलह माह से दर-दर ठोकर खाने को विवश है। ऐसी स्थिति में प्लेटफार्म पर जगह-जगह गंदगियों का अंबार लगा हुआ है।