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चातुर्मास महानुष्ठान के समापन की तैयारी पूरी
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Fri, 16 Sep 2016 01:36 AM IST
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महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति।
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सिद्धपीठ हथियाराम मठ पर पिछले दो माह से चल रहे चातुर्मास महानुष्ठान का समापन शुक्रवार को होगा। इसके लिए पिछले एक हफ्ते से तैयारी की जा रही है। इस दौरान सिद्धपीठ के ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर बालकृष्ण यति जी महाराज के साथ सभी ब्रह्मलीन संत महात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
समारोह की व्यवस्था के लिए सिद्धपीठ के व्यवस्थापक द्वारा सभी व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है। सिद्धपीठ के प्रबंधक और ब्रह्मचारी संत डॉ रत्नाकर त्रिपाठी, महाराष्ट्र से आचार्य अवनीश, महावीर प्रसाद, उत्तरांचल से सुनील पैन्यूली, मध्यप्रदेश से आचार्य वैदिक शंभू पाठक, दिल्ली से आए डॉ. उदयभान, डॉ बिपिन कुमार पांडेय, अंजनी तिवारी, लौटू प्रसाद, लक्ष्मी गोंड, गुलाब प्रधान, दशरथ खरवार, श्रवण तिवारी के साथ ही सिद्धपीठ के शिष्य और स्वयंसेवक व्यवस्था में लगे हुए हैं। सभी अनुष्ठान महामंडलेश्वर भवानीनंदन जी के निर्देशन में संपंन होगा।
चतुर्मास समापन के अंतिम सप्ताह को सिद्धपीठ के 25वें महंथ ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर बालकृष्ण यति जी महाराज के साथ ही ब्रह्मलीन गुरुजनों को पुष्पांजलि, श्रद्धांजलि सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। महायज्ञ अनुष्ठान का समापन भी होगा। जिसमें अपनी सहभागिता के लिए गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, वाराणसी के साथ ही बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात के साथ ही देश के कोने- कोने से लोगों का आगमन शुरू हो गया है। कार्यक्रमों की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
समारोह की व्यवस्था के लिए सिद्धपीठ के व्यवस्थापक द्वारा सभी व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है। सिद्धपीठ के प्रबंधक और ब्रह्मचारी संत डॉ रत्नाकर त्रिपाठी, महाराष्ट्र से आचार्य अवनीश, महावीर प्रसाद, उत्तरांचल से सुनील पैन्यूली, मध्यप्रदेश से आचार्य वैदिक शंभू पाठक, दिल्ली से आए डॉ. उदयभान, डॉ बिपिन कुमार पांडेय, अंजनी तिवारी, लौटू प्रसाद, लक्ष्मी गोंड, गुलाब प्रधान, दशरथ खरवार, श्रवण तिवारी के साथ ही सिद्धपीठ के शिष्य और स्वयंसेवक व्यवस्था में लगे हुए हैं। सभी अनुष्ठान महामंडलेश्वर भवानीनंदन जी के निर्देशन में संपंन होगा।
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चतुर्मास समापन के अंतिम सप्ताह को सिद्धपीठ के 25वें महंथ ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर बालकृष्ण यति जी महाराज के साथ ही ब्रह्मलीन गुरुजनों को पुष्पांजलि, श्रद्धांजलि सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। महायज्ञ अनुष्ठान का समापन भी होगा। जिसमें अपनी सहभागिता के लिए गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, वाराणसी के साथ ही बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात के साथ ही देश के कोने- कोने से लोगों का आगमन शुरू हो गया है। कार्यक्रमों की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
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