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Ghazipur News: हर-हर महादेव के लगते रहे जयकारे
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गाजीपुर। सावन के तीसरे सोमवार को देवाधिदेव का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को शहर में कांवड़ियों का हुजूम उमड़ा। गंगा घाट पर स्नान करने के बाद सैकड़ों की संख्या में जत्था गंगा जल लेकर पैदल महाहर धाम के लिए रवाना होता रहा। ओम नम: शिवाय एवं हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए कावड़ियों के जाने का सिलसिला देर रात तक चला। भीड़ को देखते हुए जगह-जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी।
सावन माह के तीसरे सोमवार पर प्रसिद्ध महाहर धाम पर भगवान शिव को जलाभिषेक करने के लिए कांवड़िया सुबह से ही गंगा जल लेने के लिए शहर में पहुंचने लगे थे। दोपहर दो बजे के बाद से ददरीघाट एवं चीतनाथ घाट पर जल लेने के लिए भीड़ उमड़ने लगी थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया आस्थावानों की भीड़ बढ़ती गई। विभिन्न स्थानों पर लगी पूजन सामग्री की दुकानों से खरीदारी कर कांवड़िया घाटों पर पहुंचे। वहां गंगा स्नान कर कांवड़ में जल भरकर वह महाहर धाम के लिए रवाना हुए। सबसे अधिक भीड़ ददरीघाट पर थी। कावंड़ियों में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी शामिल थीं। उनके महाहर धाम रवाना होने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। हर-हर महादेव, ओम नम: शिवाय एवं बोल बम के जयकारे से प्रमुख मार्ग गूंजते रहे। शहर में कई स्थानों के साथ ही महाहरधाम जाने वाले मार्ग पर कई जगहों पर कांवड़ियों की सेवा के लिए स्टाॅल लगाए गए थे। यहां जलपान के साथ ही दवा की भी व्यवस्था की गई थी। कांवड़ियों की सहूलियत को देखते हुए कई प्रमुख स्थानों एवं तिराहों पर बैरीकेडिंग कर बड़े वाहनों पर रोक लगाई गई थी।
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सावन माह के तीसरे सोमवार पर प्रसिद्ध महाहर धाम पर भगवान शिव को जलाभिषेक करने के लिए कांवड़िया सुबह से ही गंगा जल लेने के लिए शहर में पहुंचने लगे थे। दोपहर दो बजे के बाद से ददरीघाट एवं चीतनाथ घाट पर जल लेने के लिए भीड़ उमड़ने लगी थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया आस्थावानों की भीड़ बढ़ती गई। विभिन्न स्थानों पर लगी पूजन सामग्री की दुकानों से खरीदारी कर कांवड़िया घाटों पर पहुंचे। वहां गंगा स्नान कर कांवड़ में जल भरकर वह महाहर धाम के लिए रवाना हुए। सबसे अधिक भीड़ ददरीघाट पर थी। कावंड़ियों में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी शामिल थीं। उनके महाहर धाम रवाना होने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। हर-हर महादेव, ओम नम: शिवाय एवं बोल बम के जयकारे से प्रमुख मार्ग गूंजते रहे। शहर में कई स्थानों के साथ ही महाहरधाम जाने वाले मार्ग पर कई जगहों पर कांवड़ियों की सेवा के लिए स्टाॅल लगाए गए थे। यहां जलपान के साथ ही दवा की भी व्यवस्था की गई थी। कांवड़ियों की सहूलियत को देखते हुए कई प्रमुख स्थानों एवं तिराहों पर बैरीकेडिंग कर बड़े वाहनों पर रोक लगाई गई थी।
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