RPF जवानों की हत्या का मामला: रेलवे का ट्रैकमैन विलेंद्र है शराब तस्कर; ITI-पॉलिटेक्निक पास हैं आरोपी
Ghazipur News: शराब तस्करों ने आरपीएफ के जवानों जावेद और प्रमोद को खौफनाक तरीके से मौत के घाट उतारा था। इसके पहले जवानों को बेरहमी से पीटा गया था। कपड़े उतारकर बेइज्जत किया, फिर 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही ट्रेन से फेंक दिया था। जवानों की मौत मामले में 13 आरोपी बनाए गए हैं। इनमें से चार की गिरफ्तारी हो सकी है। नौ की तलाश अभी जारी है।
विस्तार
एसटीएफ ने जिन बदमाशों को पकड़ा है, उनकी पहचान बिहार के पटना के खागुल थाना के नैउरा कॉलोनी के पंकज कुमार, बीहटा थाना के भगवतीपुर के प्रेमचंद वर्मा, जानीपुर के विनय कुमार और शाहपुर दानापुर थाना के उसरी बाजार के विलेंद्र पासी के रूप में हुई है। विलेंद्र पासी रेलवे का ट्रैकमैन है। उसे शराब तस्कर गिरोह का सरगना बताया जा रहा है।
गिरफ्तार बदमाशों के पास से एक सरकारी 9 एमएम की पिस्टल, सात कारतूस, मृत एक आरपीएफ जवान का पर्स और एक कार बरामद की गई है। मामले में पुलिस को शराब तस्कर गिरोह के नौ अन्य बदमाशों की तलाश है। पुलिस के मुताबिक जिस वक्त जवानों को ट्रेन से फेंका गया था, तब उसकी गति 100 किलोमीटर प्रतिघंटा थी।
गाजीपुर जिले के गहमर थाना क्षेत्र में देवकली गांव के पास डाउन लाइन पर 200 मीटर की दूरी पर 20 अगस्त की सुबह आरपीएफ के जवानों के शव नग्न और अर्धनग्न अवस्था में मिले थे।
दोनों जवानों की पहचान दिलदारनगर थाना क्षेत्र के देवैधा गांव के मोहम्मद जावेद और बिहार के आरा जिले के करप निवासी प्रमोद कुमार के रूप में हुई थी। घटना की सूचना पाकर यूपी एसटीएफ भी सक्रिय हुई।
ये है पूरा मामला
एसटीएफ की गौतमबुद्ध नगर यूनिट के एडिशनल एसपी राज कुमार मिश्रा ने बताया कि डिप्टी एसपी नवेंदु कुमार के नेतृत्व में दरोगा अक्षय पीके त्यागी की टीम जांच में जुटी। पड़ताल में सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से सामने आया कि बिहार के शराब तस्कर गिरोह के बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है।
दरोगा अक्षय पीके त्यागी ने पंकज, प्रेमचंद, विनय को गाजीपुर की एसओजी की मदद से एसटीएफ की वाराणसी यूनिट के कार्यालय बुलाया गया। तीनों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर विलेंद्र को पकड़ा गया।
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घटनास्थल पर ले जाकर आरपीएफ के जवानों का पर्स खोजा जा रहा था तो प्रेमचंद गाजीपुर पुलिस के दरोगा सुरेश मौर्या की सरकारी पिस्टल छीन कर उन्हें धक्का देकर तेजी से भागा। जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लगी। प्रेमचंद का उपचार भदौरा सीएचसी ले जाकर कराया गया।
आईटीआई-पॉलिटेक्निक पास हैं आरोपी
एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि शराब तस्कर गिरोह का सरगना रेलवे का ट्रैकमैन विलेंद्र पासी है। वर्ष 2014 में रेलवे में भर्ती हुए विलेंद्र का तबादला वर्ष 2019 में नारायणपुर हुआ तो वह मुगलसराय और अलीनगर से सुरेंद्र से शराब खरीद कर महंगे दाम में बिहार में दानापुर और पटना में बेचने लगा। धीरे-धीरे उसका संपर्क बिहार के कई शराब तस्करों से हो गया।
पंकज कुमार ने बंगलूरू से पॉलिटेक्निक की पढ़ाई की है। वह गांव आया तो विलेंद्र के संपर्क में आकर विनय और प्रेमचंद सहित अन्य लोगों के साथ शराब तस्करी का अवैध काम करने लगा। प्रेमचंद दानापुर से इलेक्ट्रिक ट्रेड में आईटीआई किया है। वह चार साल से शराब की तस्करी कर रहा है। हत्या और शराब तस्करी के आरोप में प्रेमचंद पहले जेल भी जा चुका है। विनय कुमार जानीपुर में बच्चों के कपड़े बेचता था। फुलवारी शरीफ के शराब तस्करों की मदद से वह विलेंद्र के गिरोह से जुड़कर काम करने लगा।
बिना स्कॉर्ट वाली ट्रेन से शराब ले जाते थे
आरोपियों ने बताया कि विलेंद्र की मदद से उन्हें पता लग जाता था कि बिहार जाने वाली किस ट्रेन में स्कॉर्ट नहीं हैं। उसी ट्रेन के जनरल श्रेणी के डिब्बे में वह शराब की खेप बिहार ले जाते थे। घटना के समय आरपीएफ के दोनों जवान सादे कपड़ों में थे और ड्यूटी पर नहीं थे। जावेद को शराब तस्कर गिरोह के बदमाश पहचान गए थे।
आरपीएफ के जवानों को शराब तस्करी की जानकारी हुई तो उन्होंने उसका विरोध किया। इससे नाराज शराब तस्कर गिरोह ने दोनों जवानों की बेरहमी से पिटाई करते हुए उनके कपड़े उतार दिए। फिर, पकड़े न जाएं, इसलिए जवानों को चलती ट्रेन से नीचे फेंक कर उनकी हत्या कर दी।