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Ghazipur News: केबिल बर्स्ट, साढ़े तीन घंटे गुल रही बिजली
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गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज, 300 बेड के नवनिर्मित और 200 बेड के पुरुष अस्पताल में मंगलवार को केबिल बर्स्ट होने से साढ़े तीन घंटे बिजली गुल रही।
जेनरेटर चलाकर अस्पताल की आपूर्ति बहाल की गई। जबकि 24 घंटे बिजली सप्लाई की व्यवस्था के बावजूद डेढ़ महीने से विभिन्न फॉल्ट के बहाने हर दिन एक से दो घंटे बिजली कटौती की जा रही है। ऐसे में बिजली निगम के जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
सुबह 11:30 बजे मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ 300 बेड के नवनिर्मित और 200 बेड के पुरुष अस्पताल की बिजली अचानक कट गई। बत्ती गुल होते ही वार्ड, आपातकक्ष सहित अन्य जगहों पर अंधेरा छा गया। थोड़ी देर में जेनरेटर संचालित होने पर अस्पताल की बिजली बहाल हुई। अस्पताल प्रशासन ने जब बिजली निगम के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने केबिल बर्स्ट होने की बात कही। करीब साढ़े तीन घंटे बाद शाम तीन बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई।
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महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य प्रो. नीरज पांडेय ने बताया कि प्रतिदिन किसी न किसी तरह के फॉल्ट को लेकर एक से दो घंटे बिजली गुल हो जा रही है। ऐसे में प्रतिदिन 300 से 400 लीटर डीजल की खपत हो रही है। उन्होंने बिजली निगम के अभियंताओं से 24 घंटे अस्पताल को आपूर्ति करने की मांग की।
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जेनरेटर चलाकर अस्पताल की आपूर्ति बहाल की गई। जबकि 24 घंटे बिजली सप्लाई की व्यवस्था के बावजूद डेढ़ महीने से विभिन्न फॉल्ट के बहाने हर दिन एक से दो घंटे बिजली कटौती की जा रही है। ऐसे में बिजली निगम के जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
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सुबह 11:30 बजे मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ 300 बेड के नवनिर्मित और 200 बेड के पुरुष अस्पताल की बिजली अचानक कट गई। बत्ती गुल होते ही वार्ड, आपातकक्ष सहित अन्य जगहों पर अंधेरा छा गया। थोड़ी देर में जेनरेटर संचालित होने पर अस्पताल की बिजली बहाल हुई। अस्पताल प्रशासन ने जब बिजली निगम के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने केबिल बर्स्ट होने की बात कही। करीब साढ़े तीन घंटे बाद शाम तीन बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई।
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महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य प्रो. नीरज पांडेय ने बताया कि प्रतिदिन किसी न किसी तरह के फॉल्ट को लेकर एक से दो घंटे बिजली गुल हो जा रही है। ऐसे में प्रतिदिन 300 से 400 लीटर डीजल की खपत हो रही है। उन्होंने बिजली निगम के अभियंताओं से 24 घंटे अस्पताल को आपूर्ति करने की मांग की।