{"_id":"f5bdf678d4145cb7ea26593e462eff11","slug":"bus-fired-injuring-12-passengers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस पलटी, 12 यात्री घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस पलटी, 12 यात्री घायल
संवाददाता/अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Fri, 07 Aug 2015 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खानपुर थाना क्षेत्र को गोपालपुर गांव के पास गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे गाजीपुर से वाराणसी जा रही यात्रियों से भरी प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलट गई। ग्रामीणों ने शीशा तोड़कर यात्रियों को बस से निकाला। इस
घटना में 12 यात्री घायल हो गए, जिनका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराया गया, जबकि चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें वालग्रीन अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्घटना के चलते गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर करीब आधे
घंटे तक आवागमन बाधित रहा। गाजीपुर से यात्रियों को लेकर प्राइवेट बस वाराणसी जा रही थी। इसी दौरान खानपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर के पास बस अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलट गई। बस पलटते ही कुछ ही दूरी पर बिजली का
विज्ञापन
खंभा खड़ा कर रहे युवक और ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में बस के खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसकी सूचना मिलते ही खानपुर थानाध्यक्ष सम्पूर्णानंद राय, सैदपुर कोतवाली
प्रभारी निरीक्षक रामायण सिंह और क्षेत्राधिकारी महेश राम गौतम मौके पर पहुंच गए। इस हादसे में कुचौरा करंडा निवासी विजय शंकर दुबे (65), उनकी पत्नी उर्मिला देवी (62), दुर्गावती देवी (68), बरहट के अरविंद गिरी (35),
रामनगर वाराणसी के अमन त्रिपाठी, लंका वाराणसी केरोहित यादव (22), दुवैथा के पारस गुप्ता (56) सहित एक दर्जन लोग घायल हो गए। आठ घायलों का उपचार स्थानीय चिकित्सक से कराया गया, जबकि विजय शंकर दुबे, उर्मिला
दुबे, दुर्गावती सिंह और अरविंद गिरी को वालग्रीन अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपजिलाधिकारी भानू प्रताप सिंह ने घायलों का हाल जाना। घटना के चलते गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर करीब आधा घंटा तक आवागमन प्रभावित रहा।
अगर गांव के युवक मौके पर नहीं होते तो गोपालपुर के पास हुई बस दुर्घटना का स्वरूप भयावह हो जाता। पानी में दम घुटने से कई यात्रियों को अपनी जान भी गंवानी पड़ सकती थी, लेकिन बिजली का खंभा खड़ा और युवक और
ग्रामीणोें ने कई यात्रियों को जीवन दान देने का काम किया। घटनास्थल के उस पार धान की सूखती को बचाने के लिए गोपालपुर गांव के जगदीश यादव, सावन यादव, मोनू यादव, सतीश यादव, त्रिपुरारी यादव और अखिलेश यादव
ढीले पड़े बिजली के तारों को खींचकर लाइनमैनों के साथ टाइट कर रहे थे। बस पलटने के बाद यात्रियों की चीख-पुकार सुनते ही ये सभी लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। जगदीश यादव, मोनू यादव और त्रिपुरारी यादव ने जान
की परवाह किए बिना गहरे गड्ढे में कूदकर काफी मेहनत कर यात्रियों की सहायता की। पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश राम गौतम ने युवकों की दिलेरी की सराहना करते हुए उनकी पीठ थपथपाई।
विज्ञापन
घटना में 12 यात्री घायल हो गए, जिनका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराया गया, जबकि चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें वालग्रीन अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्घटना के चलते गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर करीब आधे
विज्ञापन
घंटे तक आवागमन बाधित रहा। गाजीपुर से यात्रियों को लेकर प्राइवेट बस वाराणसी जा रही थी। इसी दौरान खानपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर के पास बस अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलट गई। बस पलटते ही कुछ ही दूरी पर बिजली का
विज्ञापन
खंभा खड़ा कर रहे युवक और ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में बस के खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसकी सूचना मिलते ही खानपुर थानाध्यक्ष सम्पूर्णानंद राय, सैदपुर कोतवाली
प्रभारी निरीक्षक रामायण सिंह और क्षेत्राधिकारी महेश राम गौतम मौके पर पहुंच गए। इस हादसे में कुचौरा करंडा निवासी विजय शंकर दुबे (65), उनकी पत्नी उर्मिला देवी (62), दुर्गावती देवी (68), बरहट के अरविंद गिरी (35),
रामनगर वाराणसी के अमन त्रिपाठी, लंका वाराणसी केरोहित यादव (22), दुवैथा के पारस गुप्ता (56) सहित एक दर्जन लोग घायल हो गए। आठ घायलों का उपचार स्थानीय चिकित्सक से कराया गया, जबकि विजय शंकर दुबे, उर्मिला
दुबे, दुर्गावती सिंह और अरविंद गिरी को वालग्रीन अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपजिलाधिकारी भानू प्रताप सिंह ने घायलों का हाल जाना। घटना के चलते गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर करीब आधा घंटा तक आवागमन प्रभावित रहा।
अगर गांव के युवक मौके पर नहीं होते तो गोपालपुर के पास हुई बस दुर्घटना का स्वरूप भयावह हो जाता। पानी में दम घुटने से कई यात्रियों को अपनी जान भी गंवानी पड़ सकती थी, लेकिन बिजली का खंभा खड़ा और युवक और
ग्रामीणोें ने कई यात्रियों को जीवन दान देने का काम किया। घटनास्थल के उस पार धान की सूखती को बचाने के लिए गोपालपुर गांव के जगदीश यादव, सावन यादव, मोनू यादव, सतीश यादव, त्रिपुरारी यादव और अखिलेश यादव
ढीले पड़े बिजली के तारों को खींचकर लाइनमैनों के साथ टाइट कर रहे थे। बस पलटने के बाद यात्रियों की चीख-पुकार सुनते ही ये सभी लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। जगदीश यादव, मोनू यादव और त्रिपुरारी यादव ने जान
की परवाह किए बिना गहरे गड्ढे में कूदकर काफी मेहनत कर यात्रियों की सहायता की। पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश राम गौतम ने युवकों की दिलेरी की सराहना करते हुए उनकी पीठ थपथपाई।