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पेशी पर आए बंदी पर बरसाईं गोलियां
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:05 AM IST
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घायल बंदी
- फोटो : अमर उजाला
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जिला जेल से न्यायालय में पेशी पर आए एक बंदी पर मंगलवार की दोपहर हौसला बुलंद बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली बरसाकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने भाग रहे एक बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वह धक्का देकर भाग निकला। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मी की पिटाई कर दी और पुलिस अधीक्षक से भी उनकी नोकझोंक हुई। जिला जज ने मौके पर पहुंच स्थिति संभाली। घायल बंदी को जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया।
सुहवल थाना क्षेत्र के सोनवल गांव निवासी चंदन सिंह को धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस ने 22 अक्तूबर 2015 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज दिन में वह पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर गया था। पेशी से लौटते समय सिविल बार के सामने पहले से घात लगाए दो बदमाशों ने पीछे से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस दौरान गोली मिस करने के कारण एक बदमाश तमंचा फेंक कर भागने लगा, जिसे एक पुलिसकर्मी ने दौड़ाकर पकड़ लिया। थोड़ी देर तक बदमाश और पुलिसकर्मी में घक्कामुक्की होती रही और आखिरकार बदमाश छूट कर भाग निकला।
बदमाश के भागने से अधिवक्ता नाराज हो गए और उनका गुस्सा गुस्सा पुलिसकर्मी पर फूट पड़ा। पुलिस वाले की पिटाई करनी शुरू कर दी। इससे न्यायालय परिसर में अफरातफरी मच गई। थोड़ी ही देर में पुलिस अधीक्षक रामकिशोर, क्षेत्राधिकारी वेदप्रकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए। पुलिस अधीक्षक से भी वकीलों की नोकझोंक हुई। वकील गिरफ्त में आए बदमाश के भागने से नाराज थे।
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जिला जज शमशाद अहमद एवं बाद में डीआईजी डा. संजीव कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने बताया कि चंदन को चार छर्रे लगे हैं। घायल चंदन के चाचा अजीत सिंह ने शालू, गोलू एवं विक्की के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है।
पेशी से लौटते समय सिविल बार सभागार के पास जिला जेल में बंद चंदन सिंह के ऊपर दिनदहाड़े हमले की जानकारी मिलते ही जिला जज शमशाद अहमद मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिवक्ताओं से घटना की जानकारी की। उन्होंने बताया कि कचहरी परिसर में सुरक्षा के बाबत दो दिन पहले प्रशासन को पत्र लिखा गया था लेकिन उसमें रुचि नहीं दिखाई गई। उन्होंने पुलिस की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पुख्ता सुरक्षा प्रबंध होते तो यह घटना नहीं होती।
सुहवल थाने के सोनवल हाल्ट के पास 7 मई 2015 की रात में रेलवे लाइन किनारे विशाल सिंह उर्फ गोलू का शव मिला था। इस मामले में विशाल के बाबा गुप्तेश्वर सिंह ने एक युवती, चंदन सिंह, अभय और राहुल यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी युवती ने बताया कि उसके कहने पर ही तीनों ने ने विशाल की हत्या की थी। पुलिस ने चारों को जेल भेज दिया था। इसके बाद चारों जमानत पर रिहा हुए थे। इसके बाद पुलिस ने चंदन को धोखाधड़ी के एक मामले में 22 अक्तूबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसमें मंगलवार को उसकी पेशी थी।
जिला जेल से पेशी पर आए बंदी चंदन सिंह पर जानलेवा हमले के बाद हमलावरों के भाग निकलने पर अधिवक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश था। उनका कहना था कि अभिरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा अन्य पुलिस वालों ने प्रयास किया होता तो हमलावर पकड़े जाते। मगर हमला होते ही अन्य पुलिसकर्मी वहां से खिसक गए। व्यस्त इलाके से बदमाशों का बचकर भाग निकलना पुलिस की नाकामी का परिणाम है। घटना के कुछ देर बाद ही कचहरी परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों एवं क्राइम ब्रांच की टीम ने बदमाशों की तलाश की लेकिन वे हाथ नहीं लगे। डीआईजी डा. संजीव कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि हमलावरों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जिला जेल से पेशी पर आए बंदी चंदन सिंह पर सिविल बार सभागार के पास जानलेवा हमले की घटना को लेकर आक्रोशित अधिवक्ता बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि हमलावरों की गिरफ्तारी एवं पुलिस की निष्क्रियता को लेकर अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
जिला जेल से पेशी पर आए बंदी चंदन सिंह पर सिविल बार सभागार के पास बंदी पर हमले की घटना के बाद न्यायालय एवं तहसील परिसर में प्रभारी सघन तलाशी की गई। औड़िहार तिराहा, सादात तिराहा पर दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों की तलाशी ली गई। खानपुर पुलिस ने शादी-भादी तिराहा, सिधौना मोड़ पर तलाशी अभियान चलाया।
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सुहवल थाना क्षेत्र के सोनवल गांव निवासी चंदन सिंह को धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस ने 22 अक्तूबर 2015 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज दिन में वह पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर गया था। पेशी से लौटते समय सिविल बार के सामने पहले से घात लगाए दो बदमाशों ने पीछे से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस दौरान गोली मिस करने के कारण एक बदमाश तमंचा फेंक कर भागने लगा, जिसे एक पुलिसकर्मी ने दौड़ाकर पकड़ लिया। थोड़ी देर तक बदमाश और पुलिसकर्मी में घक्कामुक्की होती रही और आखिरकार बदमाश छूट कर भाग निकला।
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बदमाश के भागने से अधिवक्ता नाराज हो गए और उनका गुस्सा गुस्सा पुलिसकर्मी पर फूट पड़ा। पुलिस वाले की पिटाई करनी शुरू कर दी। इससे न्यायालय परिसर में अफरातफरी मच गई। थोड़ी ही देर में पुलिस अधीक्षक रामकिशोर, क्षेत्राधिकारी वेदप्रकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए। पुलिस अधीक्षक से भी वकीलों की नोकझोंक हुई। वकील गिरफ्त में आए बदमाश के भागने से नाराज थे।
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जिला जज शमशाद अहमद एवं बाद में डीआईजी डा. संजीव कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने बताया कि चंदन को चार छर्रे लगे हैं। घायल चंदन के चाचा अजीत सिंह ने शालू, गोलू एवं विक्की के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है।
पेशी से लौटते समय सिविल बार सभागार के पास जिला जेल में बंद चंदन सिंह के ऊपर दिनदहाड़े हमले की जानकारी मिलते ही जिला जज शमशाद अहमद मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिवक्ताओं से घटना की जानकारी की। उन्होंने बताया कि कचहरी परिसर में सुरक्षा के बाबत दो दिन पहले प्रशासन को पत्र लिखा गया था लेकिन उसमें रुचि नहीं दिखाई गई। उन्होंने पुलिस की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पुख्ता सुरक्षा प्रबंध होते तो यह घटना नहीं होती।
सुहवल थाने के सोनवल हाल्ट के पास 7 मई 2015 की रात में रेलवे लाइन किनारे विशाल सिंह उर्फ गोलू का शव मिला था। इस मामले में विशाल के बाबा गुप्तेश्वर सिंह ने एक युवती, चंदन सिंह, अभय और राहुल यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी युवती ने बताया कि उसके कहने पर ही तीनों ने ने विशाल की हत्या की थी। पुलिस ने चारों को जेल भेज दिया था। इसके बाद चारों जमानत पर रिहा हुए थे। इसके बाद पुलिस ने चंदन को धोखाधड़ी के एक मामले में 22 अक्तूबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसमें मंगलवार को उसकी पेशी थी।
जिला जेल से पेशी पर आए बंदी चंदन सिंह पर जानलेवा हमले के बाद हमलावरों के भाग निकलने पर अधिवक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश था। उनका कहना था कि अभिरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा अन्य पुलिस वालों ने प्रयास किया होता तो हमलावर पकड़े जाते। मगर हमला होते ही अन्य पुलिसकर्मी वहां से खिसक गए। व्यस्त इलाके से बदमाशों का बचकर भाग निकलना पुलिस की नाकामी का परिणाम है। घटना के कुछ देर बाद ही कचहरी परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों एवं क्राइम ब्रांच की टीम ने बदमाशों की तलाश की लेकिन वे हाथ नहीं लगे। डीआईजी डा. संजीव कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि हमलावरों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जिला जेल से पेशी पर आए बंदी चंदन सिंह पर सिविल बार सभागार के पास जानलेवा हमले की घटना को लेकर आक्रोशित अधिवक्ता बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि हमलावरों की गिरफ्तारी एवं पुलिस की निष्क्रियता को लेकर अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
जिला जेल से पेशी पर आए बंदी चंदन सिंह पर सिविल बार सभागार के पास बंदी पर हमले की घटना के बाद न्यायालय एवं तहसील परिसर में प्रभारी सघन तलाशी की गई। औड़िहार तिराहा, सादात तिराहा पर दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों की तलाशी ली गई। खानपुर पुलिस ने शादी-भादी तिराहा, सिधौना मोड़ पर तलाशी अभियान चलाया।