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Ghazipur News: बीएसए ने 212 विद्यालयों के शिक्षकों का रोका वेतन
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गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में निपुण लक्ष्य एप के जरिए बच्चों का आंकलन करने में लापरवाही बरतने वाले 212 विद्यालयों के सभी शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। बार-बार निर्देश देने के बाद भी इन विद्यालयों ने 20 प्रतिशत से भी कम बच्चों का आंकलन किया है। इसे गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने यह कार्रवाई की है। इसमें सबसे ज्यादा विद्यालय जखनिया ब्लॉक के हैं।
जिले में 2268 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को भाषा, गणित में निपुण बनाने के लिए निपुण भारत अभियान चलाया जा रहा है। बच्चों पर इसके असर का आंकलन करने के लिए विभाग की ओर से निपुण लक्ष्य एप लांच किया गया है। कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को भाषा, गणित में निपुुण बनाने के लिए निपुण लक्ष्य एप की मदद से परीक्षण किया जा रहा है कि बच्चे अब तक कितने दक्ष हुए हैं। यही नहीं उन्हें किस क्षेत्र में शिक्षक तथा अभिभावक को अभी मेहनत करने की जरूरत है। इसमें दीक्षा सहित अन्य एप पहले से ही मदद कर रहे हैं।
निपुण भारत मिशन की समीक्षा में पाया गया कि जिले के 212 परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का आंकलन या तो नहीं किया गया है या 20 प्रतिशत से भी कम है। जिले में सबसे अधिक विद्यालय जखनियां ब्लॉक के 33 हैं और सबसे कम गाजीपुर सदर में चार हैं।
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इसी तरह बाराचवर में 11, भदौरा में पांच, भांवरकोल में 12, बिरनो में आठ, देवकली में पांच, करण्डा में पांच, कासिमाबाद 13, मनिहारी 13 एवं मरदह ब्लाक में 13 विद्यालय हैं। इसके अलावा मुहम्मदाबाद 15, नगर क्षेत्र में पांच, रेवतीपुर 15, सादात 26, सैदपुर 19 तथा जमानिया विकासखंड में 10 विद्यालय हैं। रेवतीपुर ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में निपुण लक्ष्य ऐप पर असेसमेंट (छात्रों के शैक्षिक आंकलन) में लापरवाही पाए जाने को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने 15 स्कूलों के नब्बे अध्यापकों का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया है।
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जिले में 2268 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को भाषा, गणित में निपुण बनाने के लिए निपुण भारत अभियान चलाया जा रहा है। बच्चों पर इसके असर का आंकलन करने के लिए विभाग की ओर से निपुण लक्ष्य एप लांच किया गया है। कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को भाषा, गणित में निपुुण बनाने के लिए निपुण लक्ष्य एप की मदद से परीक्षण किया जा रहा है कि बच्चे अब तक कितने दक्ष हुए हैं। यही नहीं उन्हें किस क्षेत्र में शिक्षक तथा अभिभावक को अभी मेहनत करने की जरूरत है। इसमें दीक्षा सहित अन्य एप पहले से ही मदद कर रहे हैं।
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निपुण भारत मिशन की समीक्षा में पाया गया कि जिले के 212 परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का आंकलन या तो नहीं किया गया है या 20 प्रतिशत से भी कम है। जिले में सबसे अधिक विद्यालय जखनियां ब्लॉक के 33 हैं और सबसे कम गाजीपुर सदर में चार हैं।
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इसी तरह बाराचवर में 11, भदौरा में पांच, भांवरकोल में 12, बिरनो में आठ, देवकली में पांच, करण्डा में पांच, कासिमाबाद 13, मनिहारी 13 एवं मरदह ब्लाक में 13 विद्यालय हैं। इसके अलावा मुहम्मदाबाद 15, नगर क्षेत्र में पांच, रेवतीपुर 15, सादात 26, सैदपुर 19 तथा जमानिया विकासखंड में 10 विद्यालय हैं। रेवतीपुर ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में निपुण लक्ष्य ऐप पर असेसमेंट (छात्रों के शैक्षिक आंकलन) में लापरवाही पाए जाने को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने 15 स्कूलों के नब्बे अध्यापकों का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया है।