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Ghazipur News: 2.5 लाख नहीं देने पर भाई-बहन ने गला दबाकर की थी क्लर्क की हत्या

Sun, 15 Feb 2026 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 12:15 AM IST
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Brother and sister strangled a clerk to death for not paying Rs 2.5 lakh
गाजीपुर। एक साल पहले उधार लिए 2.5 लाख रुपये वापस न करने और बदनाम करने की धमकी देने पर भाई- बहन परीक्षित सिंह व दीपा सिंह ने क्लर्क मनोहर यादव की गला दबाकर हत्या की थी। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह जानकारी एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने शनिवार को कोतवाली क्षेत्र में अपहरण के बाद युवक की हत्या कर शव गंगा नदी में फेंकने का खुलासा करते हुए दिया।
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बताया कि मृतक ने युवती से 2.5 लाख रुपये उधार लिए थे और पैसा मांगने पर वह कथित रूप से बदनाम करने की धमकी देने लगा था। इसी तनाव ने वारदात की शक्ल ले लिया। इस दौरान सीओ सिटी शेखर सेंगर भी मौजूद रहे। एसपी सिटी ने कहा कि आरोपियों ने रेलवे पुल के नीचे वारदात को अंजाम दिया और शव को गंगा में फेंक दिया था। पुल से हेलमेट व चॉबी को गंगा में फेंकने के साथ ही हत्यारोपी भाई-बहन ने बाइक के नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाकर खड़ा कर दिया, जिससे किसी को शक न हो सके। इधर, पुलिस ने बाइक मिलने के साथ सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही थी।
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शव मिलने के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद शनिवार को हत्याकांड का खुलासा कर दिया। साथ ही गला दबने के लिए प्रयोग किए गए दुपट्टा भी बरामद कर लिया। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने मामले में दीपा सिंह (30) और परीक्षित सिंह (26) निवासी मेदनीपुर थाना सुहवल को गिरफ्तार कर लिया है।
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एसपी सिटी ने बताया कि मामला नौ फरवरी को तब सामने आया, जब बारहबंगला निवासी धर्मदेव सिंह यादव ने अपने 34 वर्षीय बेटे मनोहर सिंह यादव के अपहरण की तहरीर कोतवाली में दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान एसडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शुक्रवार को गंगा नदी से शव बरामद हुआ। शिनाख्त के बाद अपहरण की प्राथमिकी हत्या में तब्दील कर दी थी।

एसपी सिटी के मुताबिक 9 फरवरी को मनोहर ने दीपा को फोन कर मिलने बुलाया। योजना के तहत दीपा ने भाई को जानकारी दी। इसके बाद मनोहर जब दीपा को लेकर रौजा तिराहे से गंगा नदी रेलवे पुल के नीचे पहुंचा, तो वहां पहले से परीक्षित मौजूद था। आरोप है कि यहां पैसे को लेकर फिर विवाद हुआ। मनोहर द्वारा कथित तौर पर पैसा न लौटाने और बदनाम करने की बात कहने पर दोनों गुस्से में आ गए और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी, फिर शव गंगा नदी में फेंक दिया।
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