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हत्या मामले में 30 को होगी बृजेश, त्रिभुवन की पेशी
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Wed, 25 Nov 2015 10:45 PM IST
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भांवरकोल थाना क्षेत्र के कुंडेसर चट्टी पर 1991 में चुनाव प्रचार के दौरान तीन लोगों की गोली मारकर की गई हत्या मामले में आरोपी बनाए गए बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत में 30 नवंबर को पेश किया जाएगा। अदालत ने न्यायालय परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करने का आदेश दिया है। यह भी कहा है कि आरोपियों को किसी ऐसे स्थान पर रखने की व्यवस्था की जाए जहां से नियत तिथि पर दोनों को अदालत में सहजता से उपस्थित कराया जा सके। त्रिभुवन पीलीभीत जेल और बृजेश सिंह को वाराणसी केंद्रीय कारागार में रखा गया है।
भांवरकोल थाना क्षेत्र के कुंडेसर चट्टी पर 2 मई 1991 को विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन प्रत्याशी अफजाल अंसारी का चुनाव प्रचार कर लौट रही समर्थकों की जीप पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस घटना में जीप पर बैठे सुरेंद्र राय, कमला सिंह और चट्टी के एक दूकानदार झिंगुरी साहू की गोली लगने से मौत हो गई थी। दीनानाथ राय, रामेश्वर और जगन्नाथ सिंह घायल हुए थे। इस मामले में घायल जगन्नाथ सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह, उमाकांत सिंह और सत्येंद्र कुमार सिंह के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान उमाकांत सिंह और सत्येंद्र कुमार का निधन हो गया।
2013 में उच्च न्यायालय के आदेश पर तेज गति से सुनवाई हो रही थी जिसमें वादी मुकदमा जगन्नाथ सिंह साक्ष्य के समय दोनों आरोपियों बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को उपस्थित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसे अदालत ने 16 जनवरी 2013 को नामंजूर कर दिया था जिसके विरुद्ध याचिका उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई थी। उच्च न्यायालय ने 16 जनवरी 2013 के स्थानीय न्यायालय के आदेश को 19 नवंबर 2015 को निरस्त करते हुए निर्देश जारी किया कि वादी मुकदमा जगन्नाथ सिंह का साक्ष्य आरोपी बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह की उपस्थिति में अंकित किया जाए।
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जगन्नाथ सिंह के निजी अधिवक्ता को सरकारी अधिवक्ता के साथ कार्रवाई में भाग लेने की अनुमति दी जाए। जगन्नाथ की तरफ से जिरह के लिए सभी साक्षियों को समन जारी किया जाए जिसमें पूर्व में साक्ष्य अंकित किया गया है। उच्च न्यायालय ने न्यायिक कक्ष में शांत वातावरण बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सम्यक सहायता प्रदान करने का आदेश दिया है। मामला पुराना होने के कारण मुकदमे को महत्व देते हुए जल्द तीन माह के अंदर निस्तारित करने का निर्देश दिया गया है।
उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट रूपेश रंजन की अदालत ने वादी जगन्नाथ सिंह तथा दोनों आरोपियों बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को 30 नवंबर को उपस्थिति के लिए समन जारी करने का निर्देश दिया है। त्रिभुवन पीलीभीत जेल और बृजेश सिंह को वाराणसी केंद्रीय कारागार में रखा गया है। ऐसे में अदालत ने दोनों जेल अधीक्षकों को निर्देर्शित किया है कि नियत तिथि पर दोनों आरोपियों को न्यायालय में उपस्थित कराना सुनिश्चित करें।
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भांवरकोल थाना क्षेत्र के कुंडेसर चट्टी पर 2 मई 1991 को विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन प्रत्याशी अफजाल अंसारी का चुनाव प्रचार कर लौट रही समर्थकों की जीप पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस घटना में जीप पर बैठे सुरेंद्र राय, कमला सिंह और चट्टी के एक दूकानदार झिंगुरी साहू की गोली लगने से मौत हो गई थी। दीनानाथ राय, रामेश्वर और जगन्नाथ सिंह घायल हुए थे। इस मामले में घायल जगन्नाथ सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह, उमाकांत सिंह और सत्येंद्र कुमार सिंह के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान उमाकांत सिंह और सत्येंद्र कुमार का निधन हो गया।
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2013 में उच्च न्यायालय के आदेश पर तेज गति से सुनवाई हो रही थी जिसमें वादी मुकदमा जगन्नाथ सिंह साक्ष्य के समय दोनों आरोपियों बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को उपस्थित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसे अदालत ने 16 जनवरी 2013 को नामंजूर कर दिया था जिसके विरुद्ध याचिका उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई थी। उच्च न्यायालय ने 16 जनवरी 2013 के स्थानीय न्यायालय के आदेश को 19 नवंबर 2015 को निरस्त करते हुए निर्देश जारी किया कि वादी मुकदमा जगन्नाथ सिंह का साक्ष्य आरोपी बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह की उपस्थिति में अंकित किया जाए।
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जगन्नाथ सिंह के निजी अधिवक्ता को सरकारी अधिवक्ता के साथ कार्रवाई में भाग लेने की अनुमति दी जाए। जगन्नाथ की तरफ से जिरह के लिए सभी साक्षियों को समन जारी किया जाए जिसमें पूर्व में साक्ष्य अंकित किया गया है। उच्च न्यायालय ने न्यायिक कक्ष में शांत वातावरण बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सम्यक सहायता प्रदान करने का आदेश दिया है। मामला पुराना होने के कारण मुकदमे को महत्व देते हुए जल्द तीन माह के अंदर निस्तारित करने का निर्देश दिया गया है।
उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट रूपेश रंजन की अदालत ने वादी जगन्नाथ सिंह तथा दोनों आरोपियों बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को 30 नवंबर को उपस्थिति के लिए समन जारी करने का निर्देश दिया है। त्रिभुवन पीलीभीत जेल और बृजेश सिंह को वाराणसी केंद्रीय कारागार में रखा गया है। ऐसे में अदालत ने दोनों जेल अधीक्षकों को निर्देर्शित किया है कि नियत तिथि पर दोनों आरोपियों को न्यायालय में उपस्थित कराना सुनिश्चित करें।