{"_id":"629f8d3d714e5066ae7ab34e","slug":"boundary-wall-in-80-schools-no-water-in-65-toilets-ghazipur-news-vns657724944","type":"story","status":"publish","title_hn":"80 स्कूलों में चहारदीवारी, 65 के शौचालय में पानी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
80 स्कूलों में चहारदीवारी, 65 के शौचालय में पानी नहीं
विज्ञापन
गाजीपुर/मौधा। परिषदीय स्कूलों की दशा सुधारने के लिए शासन द्वारा कायाकल्प अभियान चलाने के बाद भी सैदपुर क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों की तस्वीर अभी तक नहीं बदली जा सकी है। कहीं बाउंड्री नहीं है तो कहीं शौचालय गायब है। कहीं-कहीं तो रसोईघर, स्टोर रूम व दिव्यांग शौचालय भी अभी तक ठीक नहीं हो पाए हैं। कुल मिलाकर कायाकल्प अभियान ने स्कूलों की हालत बहुत नहीं सुधारी है।
सैदपुर खंड शिक्षा क्षेत्र में 111 प्राथमिक, 22 उच्च प्राथमिक और 41 कंपोजिट विद्यालय हैं। जिनमें कायाकल्प अभियान के तहत 19 बिंदुओं पर कार्य कराए जाने थे। लेकिन हालत यह है कि ऊचौरी, सराय सुल्तान, नेवादा, नईकोट और मुड़ियार गांव सहित 80 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बाउंड्री वाल व गेट का निर्माण ही अभी तक नहीं कराया जा सका है। वहीं मठसरैया, मढ़ियां, डहरा खूर्द, भूंवरपुर सहित 26 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में फर्श और सबमर्सिबल नदारद है।
रमरेपुर, तुलसीपुर, गोठौली, विशुनपुरा मथुरा, विक्रमपुर, उसरहां, तियरा, मौधा 2, मिरजापुर, मिसिरपुरवा, नसीरुद्दीन व नईकोट सहित 124 विद्यालयों में फर्नीचर व डेस्क-बेंच आदि की व्यवस्था अभी तक नहीं की जा सकी है। मठऊचौरी, मठकौणिया, मौधा, लौलहां, लौलेहरा, महमूदपुर, महरूमपुर, मलिकपुर और नसीरपुर सहित 93 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए मूत्रालय और 85 विद्यालयों में बालकों के लिए मूत्रालय की व्यवस्था नहीं है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो क्षेत्र के 12 विद्यालयों में विद्युत संयोजन, 9 विद्यालयों में रसोईघर, 62 में कक्षाओं के फर्श पर टाइल्स लगाने का काम अभी पूरा नहीं किया जा सका है। 37 विद्यालयों में मल्टीपल हैंडवाश यूनिट नहीं है तो 71 में अभी तक शौचालयों के सुंदरीकरण ही काम अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। 65 विद्यालय तो ऐसे हैं जहां शौचालय तो हैं लेकिन वहां जलापूर्ति नहीं है। वहीं, 7 में बालिका और 5 में बालक शौचालय गायब हैं। जबकि सरायचंदी में पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
आपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में हो रहे कार्यों पर जिलाधिकारी स्वयं नजर रखे हुए हैं। उन्होंने सारे बिंदुओं पर 15 जुलाई तक काम पूरा कराने की मोहलत दी है। जिसे पंचायती राज विभाग के सहयोग से हर हाल में पूरा करा लिया जाना है। इसके लिए सारे खंड विकास अधिकारियों को भी निर्देशित कर दिया गया है।
- हेमंत राव, बीएसए
कोरोना के कहर के चलते विलंबित हुई योजना
गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के समकक्ष बनाने के लिए आपरेशन कायाकल्प के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है। इसके तहत 19 पैरामीटर पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य कराया जा रहा है। वर्ष 2019 में शुरू इस योजना को मार्च 2022 तक पूरा करने की अवधि निश्चित की गई थी लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से दो बार यह विलंबित हुई। वर्तमान में समयसीमा के नए लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं।
ये हैं कायाकल्प के 19 पैरामीटर
गाजीपुर। कायाकल्प योजना के तहत 19 पैरामीटर में विद्यालय में शुद्ध पेयजल, बालक शौचालय, बालिका शौचालय, शौचालय एवं मूत्रालय में जलापूर्ति, शौचालय में टाइल लगाना, दिव्यांग सुलभ शौचालय, मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, रसोईघर, फर्श पर टाइलीकरण, श्यामपट, विद्यालय का रंग-रोगन, विद्यालय परिसर में दिव्यांग सुलभ रैंप एवं रेलिंग, कक्षा कक्ष में वायरिंग, विद्युत उपकरण एवं विद्यालय का विद्युत संयोजन आदि का कार्य कराया जाना है।
विज्ञापन
सैदपुर खंड शिक्षा क्षेत्र में 111 प्राथमिक, 22 उच्च प्राथमिक और 41 कंपोजिट विद्यालय हैं। जिनमें कायाकल्प अभियान के तहत 19 बिंदुओं पर कार्य कराए जाने थे। लेकिन हालत यह है कि ऊचौरी, सराय सुल्तान, नेवादा, नईकोट और मुड़ियार गांव सहित 80 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बाउंड्री वाल व गेट का निर्माण ही अभी तक नहीं कराया जा सका है। वहीं मठसरैया, मढ़ियां, डहरा खूर्द, भूंवरपुर सहित 26 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में फर्श और सबमर्सिबल नदारद है।
विज्ञापन
रमरेपुर, तुलसीपुर, गोठौली, विशुनपुरा मथुरा, विक्रमपुर, उसरहां, तियरा, मौधा 2, मिरजापुर, मिसिरपुरवा, नसीरुद्दीन व नईकोट सहित 124 विद्यालयों में फर्नीचर व डेस्क-बेंच आदि की व्यवस्था अभी तक नहीं की जा सकी है। मठऊचौरी, मठकौणिया, मौधा, लौलहां, लौलेहरा, महमूदपुर, महरूमपुर, मलिकपुर और नसीरपुर सहित 93 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए मूत्रालय और 85 विद्यालयों में बालकों के लिए मूत्रालय की व्यवस्था नहीं है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो क्षेत्र के 12 विद्यालयों में विद्युत संयोजन, 9 विद्यालयों में रसोईघर, 62 में कक्षाओं के फर्श पर टाइल्स लगाने का काम अभी पूरा नहीं किया जा सका है। 37 विद्यालयों में मल्टीपल हैंडवाश यूनिट नहीं है तो 71 में अभी तक शौचालयों के सुंदरीकरण ही काम अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। 65 विद्यालय तो ऐसे हैं जहां शौचालय तो हैं लेकिन वहां जलापूर्ति नहीं है। वहीं, 7 में बालिका और 5 में बालक शौचालय गायब हैं। जबकि सरायचंदी में पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
आपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में हो रहे कार्यों पर जिलाधिकारी स्वयं नजर रखे हुए हैं। उन्होंने सारे बिंदुओं पर 15 जुलाई तक काम पूरा कराने की मोहलत दी है। जिसे पंचायती राज विभाग के सहयोग से हर हाल में पूरा करा लिया जाना है। इसके लिए सारे खंड विकास अधिकारियों को भी निर्देशित कर दिया गया है।
- हेमंत राव, बीएसए
कोरोना के कहर के चलते विलंबित हुई योजना
गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के समकक्ष बनाने के लिए आपरेशन कायाकल्प के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है। इसके तहत 19 पैरामीटर पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य कराया जा रहा है। वर्ष 2019 में शुरू इस योजना को मार्च 2022 तक पूरा करने की अवधि निश्चित की गई थी लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से दो बार यह विलंबित हुई। वर्तमान में समयसीमा के नए लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं।
ये हैं कायाकल्प के 19 पैरामीटर
गाजीपुर। कायाकल्प योजना के तहत 19 पैरामीटर में विद्यालय में शुद्ध पेयजल, बालक शौचालय, बालिका शौचालय, शौचालय एवं मूत्रालय में जलापूर्ति, शौचालय में टाइल लगाना, दिव्यांग सुलभ शौचालय, मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, रसोईघर, फर्श पर टाइलीकरण, श्यामपट, विद्यालय का रंग-रोगन, विद्यालय परिसर में दिव्यांग सुलभ रैंप एवं रेलिंग, कक्षा कक्ष में वायरिंग, विद्युत उपकरण एवं विद्यालय का विद्युत संयोजन आदि का कार्य कराया जाना है।