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Ghazipur News: दस कदम की दूरी पर थे दोनों घर, अब एक साथ उठीं दो अर्थियां
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सैदपुर सीएचसी परिसर में मृतक राजू की रोती-बिलखती की मां और भाई को संभालते लोग। संवाद
खानपुर। उचौरी गांव में बचपन के दोस्त राजू यादव, आकाश यादव और के घरों के बीच की दूरी महज दस कदम है। राजू और आकाश दोनों परिवारों पट्टीदार है और इनके बीच वर्षों से अपनापन था। रविवार रात तक तीनों दोस्त साथ थे। सड़क हादसे में राजू और आकाश की मौत के बाद जब दोनों का शव गांव पहुंचा तो आसपास के घरों से लेकर गलियों तक सिर्फ चीख-पुकार सुनाई देती रही।
राजू यादव का शव सोमवार को घर पहुंचते ही मां ऊषा देवी बदहवास हो गईं। बेटे के शव को देखते ही वह दहाड़ मारकर रोने लगीं। बार-बार बस यही कहती रहीं कि काहे अइसे छोड़ी के गइल ए बबुआ...। मां की यह करुण पुकार सुनकर वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। वहीं, आकाश की मां का भी रो-रो कर बुरा हाल रहा।
राजू के घर में तो महज दस दिन पहले बेटी की किलकारी गूंजी थी। मुंबई में रहकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले राजू पत्नी प्रीति के प्रसव के लिए घर आए थे। दो वर्षीय बेटा आरव और नवजात बेटी के बीच खुशियों से भरे परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी प्रीति और मां ऊषा देवी समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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वहीं, आकाश की शादी 23 मई 2025 को आरती देवी से हुई थी। अभी शादी को डेढ़ साल भी पूरा नहीं हुआ था और पत्नी गर्भवती हैं। पिता सुरेंद्र यादव और मां परमा देवी के सामने बेटे की अर्थी पहुंची तो घर में कोहराम मच गया। आरती की आंखों के सामने पलभर में उसका भविष्य उजड़ गया।
पीछे वाले घर में भी पसरा सन्नाटा
राजू और आकाश के साथ बाइक पर सवार लालू यादव का घर भी आकाश के घर के पीछे है। हादसे में गंभीर रूप से घायल लालू का औड़िहार तिमुहानी स्थित निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पिता संजय यादव समेत परिजन अस्पताल में उसके ठीक होने की आस लगाए बैठे हैं। लालू की जिंदगी बचाने के लिए परिजन मंदिरों में मन्नत मांग रहे हैं और लगातार प्रार्थना कर रहे हैं।
घरों के बाहर जुटी भीड़, हर आंख नम
दोनों युवकों के शव गांव पहुंचने के बाद घरों के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। महिलाएं एक-दूसरे से लिपटकर रोती रहीं और आसपास के लोग परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। जिस गांव में रोजमर्रा की चहल-पहल रहती थी, वहां सोमवार को हर चेहरा गमगीन नजर आया।
आरोपी चालक को भेजा गया जेल
सैदपुर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि हादसे के आरोपी चालक राकेश यादव निवासी ग्राम पड़री जिला मिर्जापुर को पुलिस ने सोमवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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राजू यादव का शव सोमवार को घर पहुंचते ही मां ऊषा देवी बदहवास हो गईं। बेटे के शव को देखते ही वह दहाड़ मारकर रोने लगीं। बार-बार बस यही कहती रहीं कि काहे अइसे छोड़ी के गइल ए बबुआ...। मां की यह करुण पुकार सुनकर वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। वहीं, आकाश की मां का भी रो-रो कर बुरा हाल रहा।
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राजू के घर में तो महज दस दिन पहले बेटी की किलकारी गूंजी थी। मुंबई में रहकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले राजू पत्नी प्रीति के प्रसव के लिए घर आए थे। दो वर्षीय बेटा आरव और नवजात बेटी के बीच खुशियों से भरे परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी प्रीति और मां ऊषा देवी समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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वहीं, आकाश की शादी 23 मई 2025 को आरती देवी से हुई थी। अभी शादी को डेढ़ साल भी पूरा नहीं हुआ था और पत्नी गर्भवती हैं। पिता सुरेंद्र यादव और मां परमा देवी के सामने बेटे की अर्थी पहुंची तो घर में कोहराम मच गया। आरती की आंखों के सामने पलभर में उसका भविष्य उजड़ गया।
पीछे वाले घर में भी पसरा सन्नाटा
राजू और आकाश के साथ बाइक पर सवार लालू यादव का घर भी आकाश के घर के पीछे है। हादसे में गंभीर रूप से घायल लालू का औड़िहार तिमुहानी स्थित निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पिता संजय यादव समेत परिजन अस्पताल में उसके ठीक होने की आस लगाए बैठे हैं। लालू की जिंदगी बचाने के लिए परिजन मंदिरों में मन्नत मांग रहे हैं और लगातार प्रार्थना कर रहे हैं।
घरों के बाहर जुटी भीड़, हर आंख नम
दोनों युवकों के शव गांव पहुंचने के बाद घरों के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। महिलाएं एक-दूसरे से लिपटकर रोती रहीं और आसपास के लोग परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। जिस गांव में रोजमर्रा की चहल-पहल रहती थी, वहां सोमवार को हर चेहरा गमगीन नजर आया।
आरोपी चालक को भेजा गया जेल
सैदपुर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि हादसे के आरोपी चालक राकेश यादव निवासी ग्राम पड़री जिला मिर्जापुर को पुलिस ने सोमवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

सैदपुर सीएचसी परिसर में मृतक राजू की रोती-बिलखती की मां और भाई को संभालते लोग। संवाद