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Ghazipur News: 22 घंटे बाद दूसरे किशोर का शव बरामद
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बारा। गहमर कोतवाली क्षेत्र के बारा में दादी के दशकर्म पर स्नान करते समय दो चचेरे भाई गंगा में डूब गए थे। एक किशोर का शव तो घटना के छह घंटे बाद मंगलवार को ही बरामद हो गया था। जबकि दूसरे किशोर का शव 22 घंटे बाद बुधवार की भोर जाल में फंसने से बरामद हुआ। पानी से शव बाहर आते परिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने- बिलखने लगे। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे। बारा गांव निवासी अनिल शर्मा और वीरेंद्र शर्मा की मां रामदेही का बीते 17 अक्तूबर को निधन हो गया था। परिवार के लोग दशकर्म पर प्रत्येक दिन गंगा स्नान को जाते थे। अनिल शर्मा का पुत्र मोहित कुमार शर्मा (14) और वीरेंद्र शर्मा का पुत्र अमन कुमार शर्मा (16) अपने पिता के साथ बीते 22 अक्तूबर की सुबह छह बजे गंगा स्नान के लिए गया था। गहरे पानी में जाने से दोनों चचेरे भाई डूबने लगे तो अनिल शर्मा ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए। ग्रामीणों और स्थानीय गोताखोर ने दोनों किशोरों के तलाश में जुटे हुए थे। छह घंटे बाद गोताखोरों ने अमन कुमार का शव बरामद कर लिया था। जबकि मोहित कुमार का पता नहीं चल सका था। करीब 22 घंटे बाद भोर में जाल में मोहित का शव फंस गया। मल्लाहों ने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान आजाद खां को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एक ही परिवार के दो-दो किशोरों की मौत से संबंधित परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। प्रभारी निरीक्षक आरएस नागर ने बताया कि दूसरे किशोर का भी शव बरामद हो गया है।
एक ही चिता पर चचेरे भाइयों का हुआ अंतिम संस्कार :बारा। गहमर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में चचेरे भाइयों के गंगा में डूबने से मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गम के चलते दूसरे दिन भी मोहल्ले में घरों के चूल्हे नहीं जले। परिजनों के रोने की आवाज मोहल्ले की सन्नाटा तोड़ती रही। बुधवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद जिला मुख्यालय स्थित श्मशान घाट पर दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। यह देख ग्रामीणों की भी आंखें भर आईं।
गांव के सगे भाई अनिल शर्मा का बेटा मोहित कुमार (14) और वीरेंद्र शर्मा का इकलौता पुत्र अमन कुमार (16) अपनी दादी के दशकर्म पर बीते मंगलवार की सुबह नहाते समय गंगा में पिता की आंखों के सामने डूब गए थे। अमन का शव खोजबीन के छह घंटे बाद मिल गया था, जबकि मोहित का शव दूसरे दिन सुबह चार बजे मछली पकड़ने वाले जाल में फंसा मिला। शव मिलते ही परिजनों की मातमी चीत्कार से हर किसी का कलेजा फट सा गया। पोस्टमार्टम होने के बाद गम और आंसुओं के बीच दोनों चचेरे भाइयों के शवों का जिला मुख्यालय स्थित श्मशान घाट पर एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अमन के पिता वीरेंद्र शर्मा को यह मलाल था कि वह अपने इकलौते पुत्र को बचा नहीं सके। पुत्र को बचाने में नाकाम अनिल शर्मा रोते हुए बेसुध हो जा रहे थे। ग्राम प्रधान आजाद खां समेत आसपास के गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। मृतक मोहित की मां आशा देवी और बहन खुशी बिलखती रहीं। पिता अनिल शर्मा बेटे की बातें बताकर रोने लगते तो बड़ा भाई रोहित कुमार रोता रहा। इकलौते पुत्र मृतक अमन कुमार के पिता वीरेंद्र शर्मा, मां रिंकू और बहन सोनाली अंजलि और प्रिया रो - रोकर बेसुध हो गईं। बहनों ने बिलखते हुए जब कहा कि अब राखी किसे बांधेंगी तो वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखों से आंसू बहने लगे।
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एक ही चिता पर चचेरे भाइयों का हुआ अंतिम संस्कार :बारा। गहमर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में चचेरे भाइयों के गंगा में डूबने से मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गम के चलते दूसरे दिन भी मोहल्ले में घरों के चूल्हे नहीं जले। परिजनों के रोने की आवाज मोहल्ले की सन्नाटा तोड़ती रही। बुधवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद जिला मुख्यालय स्थित श्मशान घाट पर दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। यह देख ग्रामीणों की भी आंखें भर आईं।
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गांव के सगे भाई अनिल शर्मा का बेटा मोहित कुमार (14) और वीरेंद्र शर्मा का इकलौता पुत्र अमन कुमार (16) अपनी दादी के दशकर्म पर बीते मंगलवार की सुबह नहाते समय गंगा में पिता की आंखों के सामने डूब गए थे। अमन का शव खोजबीन के छह घंटे बाद मिल गया था, जबकि मोहित का शव दूसरे दिन सुबह चार बजे मछली पकड़ने वाले जाल में फंसा मिला। शव मिलते ही परिजनों की मातमी चीत्कार से हर किसी का कलेजा फट सा गया। पोस्टमार्टम होने के बाद गम और आंसुओं के बीच दोनों चचेरे भाइयों के शवों का जिला मुख्यालय स्थित श्मशान घाट पर एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अमन के पिता वीरेंद्र शर्मा को यह मलाल था कि वह अपने इकलौते पुत्र को बचा नहीं सके। पुत्र को बचाने में नाकाम अनिल शर्मा रोते हुए बेसुध हो जा रहे थे। ग्राम प्रधान आजाद खां समेत आसपास के गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। मृतक मोहित की मां आशा देवी और बहन खुशी बिलखती रहीं। पिता अनिल शर्मा बेटे की बातें बताकर रोने लगते तो बड़ा भाई रोहित कुमार रोता रहा। इकलौते पुत्र मृतक अमन कुमार के पिता वीरेंद्र शर्मा, मां रिंकू और बहन सोनाली अंजलि और प्रिया रो - रोकर बेसुध हो गईं। बहनों ने बिलखते हुए जब कहा कि अब राखी किसे बांधेंगी तो वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखों से आंसू बहने लगे।
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