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चुनावी शंखनाद में भी छिप नहीं सकी कलह

Thu, 24 Nov 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर Updated Thu, 24 Nov 2016 12:34 AM IST
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Blew a conch shell could not take refuge in the election strife
रैली में झंडा लेकर जाते युवक।
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के पूर्वांचल से शुरू मिशन-2017 की पहली रैली में पार्टी के पारिवारिक नेताओं का आपसी मनमुटाव और बिखराव छिपा नहीं रह सका। रैली में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव थे लेकिन रैली में आए लोगों की नजरें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी तलाश रही थीं। मुख्यमंत्री के रैली में आने की उम्मीद की वजह दो दिन पहले उन्नाव में सपा नेताओं की ओर से दिखाई गई एकता तो थी ही, मंगलवार शाम तक सीएम के रैली में आने का प्रचार भी किया गया था।
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   इसके उलट रैली के मंच पर शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव की जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई गई। यही नहीं, मुलायम सिंह समेत रैली को संबोधित करने वाले ज्यादातर नेताओं ने केवल पार्टी को मजबूत करने की ही बात की। अगली सरकार बनाने के लिए लोगों से 2012 से भी ज्यादा सीटें जिताने की अपील की। अखिलेश सरकार के विकास कार्यों और अन्य उपलब्धियों का जिक्र ही नहीं किया गया। रैली के संचालक और पार्टी के प्रदेश महासचिव ने ओमप्रकाश सिंह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री द्वारा लखनऊ से चंदौली-सकलहीहा-सैदपुर मार्ग पर गंगा नदी पर निर्मित पुल के लोकार्पण को समूचे पूर्वांचल लोगों के लिए फायदेमंद बताया। हालांकि यह बात उन्होंने 14 नवंबर की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जिक्र की गई पटेल आयोग की सिफारिशों के संदर्भ मे ंकही।
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    रैली का प्रयोजन इससे भी समझा जा सकता है कि पार्टी में खींचतान के शुरुआती दौर में मंत्रिमंडल से बर्खास्त ओमप्रकाश सिंह और नारद राय इसके मुख्य कर्ताधर्ता थे। मुलायम सिंह ने खुद ही यह जानकारी दी। तत्कालीन कौमी एकता दल से जुड़े पूर्व सांसद अफजाल अंसारी और मोहम्मदाबाद सीट से कौएद की टिकट पर विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी भी मंच पर थे। नेताजी ने भरे मंच से दोनों भाइयों का महत्व समझाया। बोले-विरोध के बावजूद हमने इनकी पार्टी का विलय कराया। इससे पूर्वांचल में पार्टी मजबूत होगी। चुनाव में हमें इसका फायदा मिलेगा...हर सीट पर दो-चार हजार वोट ज्यादा मिलेंगे। मंत्रिमंडल से निकाली जा चुकी शादाब फातिमा अपने भाषण में अपना रोष छिपा नहीं सकीं। मंच पर बहुचर्चित मंत्री गायत्री प्रजापति भी थे, पर उनके यह कहने कि प्रदेश में विकास का काम केवल अखिलेश यादव ने किया है, सुनकर लोग थोड़ा चौंके। स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री विजय मिश्रा ने मुलायम और अखिलेश की तारीफ संतुलित रखी। कहा-मुलायम ने अगले 50 साल तक प्रदेश की सेवा करने के लिए अखिलेश के रूप में एक नेता दे दिया है। हालांकि मंच पर रामगोबिंद चौधरी, बलराम यादव, जियाउद्दीन रिजवी, पारसनाथ यादव और सुरेंद्र पटेल भी थे लेकिन इनकी निष्ठा किसी से छिपी नहीं है।
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