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कोहरे के बीच ठंड ने कंपकंपाया
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 14 Jan 2015 11:08 PM IST
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मौसम में उतार-चढ़ाव का खेल जारी है। कभी बदली के बीच पड़ रही कड़ाके की ठंड लोगों को झकझोर रही है तो कभी सूर्य की मेहरबानी से लोगों को कुछ राहत मिल जा रही है।
कई सप्ताह से मौसम के मिजाज का हाल यह है कि यह लोगों को राहत देगा और कब परेशानियों में डालेगा, इसका कोई भरोसा नहीं रह गया है। पिछले कई दिनों से बदली के बीच पड़ रही कड़ाके की ठंड से आम जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त था।
गलन का प्रभाव इतना अधिक था कि हर कोई कांप रहा था। इसी क्रम में मंगलवार को दिन में 10 बजे के बाद धूप निकलने पर लोगों ने इसका सहारा लेकर ठंड से कुछ राहत पाई।
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देर 9 बजे के बाद कोहरे का जबरदस्त प्रभाव शुरू हो गया, जो दूसरे दिन बुधवार को दिन में 11 बजे तक जारी रहा। कोहरा का प्रभाव इस कदर था कि दस कदम की दूरी की वस्तु भी लोगों को दिखाई नहीं दे रही थी।
एक तरफ जहां मार्गों पर वाहन लाइट के सहारे रेंगते नजर आए, वहीं आवागमन करने वाले कांपते हुए। दोपहर में 1 बजे के करीब धूप खिली तो लोगों को कुछ राहत मिली। लेकिन सूर्यास्त होते ही गलन का प्रभाव बढ़ गया।
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कई सप्ताह से मौसम के मिजाज का हाल यह है कि यह लोगों को राहत देगा और कब परेशानियों में डालेगा, इसका कोई भरोसा नहीं रह गया है। पिछले कई दिनों से बदली के बीच पड़ रही कड़ाके की ठंड से आम जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त था।
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गलन का प्रभाव इतना अधिक था कि हर कोई कांप रहा था। इसी क्रम में मंगलवार को दिन में 10 बजे के बाद धूप निकलने पर लोगों ने इसका सहारा लेकर ठंड से कुछ राहत पाई।
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देर 9 बजे के बाद कोहरे का जबरदस्त प्रभाव शुरू हो गया, जो दूसरे दिन बुधवार को दिन में 11 बजे तक जारी रहा। कोहरा का प्रभाव इस कदर था कि दस कदम की दूरी की वस्तु भी लोगों को दिखाई नहीं दे रही थी।
एक तरफ जहां मार्गों पर वाहन लाइट के सहारे रेंगते नजर आए, वहीं आवागमन करने वाले कांपते हुए। दोपहर में 1 बजे के करीब धूप खिली तो लोगों को कुछ राहत मिली। लेकिन सूर्यास्त होते ही गलन का प्रभाव बढ़ गया।