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मुनाफे के लिए हो रही मिलावटखोरी
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sun, 23 Oct 2016 11:20 PM IST
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त्यौहारों पर दूकानदार इतनी बारीकी से मिलावट करते हैं कि मूल और मिलावटी खाद्य पदार्थ में भेद करना काफी मुश्किल हो जाता है। इनका उपयोग करने से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। शरीर में विकार उत्पन्न होने की आशंका बढ़ जाती है। यही नहीं बड़े पैमाने पर ब्रांडों के नाम पर डुप्लीकेट सामान उतार कर काफी मुनाफा कमाने का काम मिलावटखोरों की ओर से किया जाता है। इसकी रोकथाम की जिम्मेदारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन को दी गई है।
आमतौर पर प्रतिदिन इस्तेमाल किए जाने वाले अनाज भी हानिकारक रसायनों के प्रभाव से अछूते नहीं हैं। हर अनाज में कुछ प्रतिशत रसायन मौजूद रहता है। कई ऐसी खाद्य सामग्री हैं जिसे बनाते समय मिलावटखोर कपड़ा धोने वाले सोडे तक का प्रयोग करते हैं। बाजार में बिकने वाले वाले पैकेट बंद मिर्च पाउडर में मिलावटखोर लाल रंग और रोडामाइन बी नामक पदार्थ मिलाकर तैयार करने के बाद उसे ब्रांड के नाम पर बेचने का काम करते हैं।
इसके अलावा आटा, चना, अरहर की दाल, चायपत्ती, दूध, शहद, मावा मेें मिलावट कर बाजार में उतारने का काम करते हैं। आमजन को मसाले और खाद्य पदार्थ खरीदते समय हमेशा ब्रांडेड और भरोसेमंद दूकान का चुनाव करना चाहिए। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि किसी भी पैकेट बंद सामान खरीदने से पहले ब्रांड देखकर ही खरीदें। थोड़ी सी लापरवाही लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। साथ ही लोग डुप्लीकेट सामानों की जानकारी होने पर तुरंत विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
आमतौर पर प्रतिदिन इस्तेमाल किए जाने वाले अनाज भी हानिकारक रसायनों के प्रभाव से अछूते नहीं हैं। हर अनाज में कुछ प्रतिशत रसायन मौजूद रहता है। कई ऐसी खाद्य सामग्री हैं जिसे बनाते समय मिलावटखोर कपड़ा धोने वाले सोडे तक का प्रयोग करते हैं। बाजार में बिकने वाले वाले पैकेट बंद मिर्च पाउडर में मिलावटखोर लाल रंग और रोडामाइन बी नामक पदार्थ मिलाकर तैयार करने के बाद उसे ब्रांड के नाम पर बेचने का काम करते हैं।
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इसके अलावा आटा, चना, अरहर की दाल, चायपत्ती, दूध, शहद, मावा मेें मिलावट कर बाजार में उतारने का काम करते हैं। आमजन को मसाले और खाद्य पदार्थ खरीदते समय हमेशा ब्रांडेड और भरोसेमंद दूकान का चुनाव करना चाहिए। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि किसी भी पैकेट बंद सामान खरीदने से पहले ब्रांड देखकर ही खरीदें। थोड़ी सी लापरवाही लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। साथ ही लोग डुप्लीकेट सामानों की जानकारी होने पर तुरंत विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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