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Ghazipur News: ढाई सौ साल पुराने पोखरे का 10 साल बाद भी सुंदरीकरण लटका
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जंगीपुर के राम जानकी पोखरे के पानी में जमी काई व बंद पड़ा फव्वारा। संवाद
भड़सर। नगर पंचायत, जंगीपुर का ऐतिहासिक रामजानकी पोखरा करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी बदहाली का शिकार है। करीब ढाई सौ वर्ष पुराने इस पोखरे के सुंदरीकरण के लिए 2016 से अब तक दो करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य आज भी अधूरा पड़ा है। हालत यह है कि जिस पोखरे को नगर पंचायत का प्रमुख आकर्षण बनाया जाना था, वह अब अव्यवस्था, गंदगी और अधूरे निर्माण का उदाहरण बनकर रह गया है।
रामजानकी पोखरे के सुंदरीकरण के लिए वर्ष 2016 में दो करोड़ 71 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई थी। पहले चरण में एक करोड़ 40 लाख रुपये और दूसरे चरण में वर्ष 2019 में एक करोड़ 23 लाख रुपये जारी किए गए। इसके बावजूद चैन स्टील रेलिंग, इंटरलॉकिंग, पौधरोपण और प्रकाश व्यवस्था का कार्य अधूरा पड़ा है। पोखरे में लगाया गया इलेक्ट्रिक फाैव्वारा भी आज तक शुरू नहीं हो सका। वहीं जेनरेटर लगाने की योजना भी फाइलों में सिमटकर रह गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों खर्च होने के बाद भी पोखरे की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। परिसर में गंदगी और अव्यवस्था बनी रहती है। पोखरे के किनारे बने नाले का गंदा पानी सीधे उसमें गिर रहा है, जिससे पानी दूषित हो रहा है। आवारा पशुओं का जमावड़ा भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
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रामजानकी पोखरे के सुंदरीकरण के लिए वर्ष 2016 में दो करोड़ 71 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई थी। पहले चरण में एक करोड़ 40 लाख रुपये और दूसरे चरण में वर्ष 2019 में एक करोड़ 23 लाख रुपये जारी किए गए। इसके बावजूद चैन स्टील रेलिंग, इंटरलॉकिंग, पौधरोपण और प्रकाश व्यवस्था का कार्य अधूरा पड़ा है। पोखरे में लगाया गया इलेक्ट्रिक फाैव्वारा भी आज तक शुरू नहीं हो सका। वहीं जेनरेटर लगाने की योजना भी फाइलों में सिमटकर रह गई।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों खर्च होने के बाद भी पोखरे की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। परिसर में गंदगी और अव्यवस्था बनी रहती है। पोखरे के किनारे बने नाले का गंदा पानी सीधे उसमें गिर रहा है, जिससे पानी दूषित हो रहा है। आवारा पशुओं का जमावड़ा भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
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