विंढमगंज। सततवाहिनी नदी में बड़ी संख्या में भक्तों ने माघ पूर्णिमा पर स्नान कर दान पुण्य किया। बाद में वहीं तट पर डीवार बाबा के चबूतरे पर सत्यनारायण भगवान की पूजा अर्चना की। कथा सुना रहे नंदलाल तिवारी ने बताया कि बाबा डीवार इलाके में रह रहे आम जनमानस की सुरक्षा दिन रात किया करते हैं। इन्हीं के सुरक्षा का फल है कि इस इलाके में विगत कई वर्षों से किसी भी तरह की कोई दैवी आपदा नहीं आई। लोग बाबा डीवार पर आकर अपनी मन्नत मांगते हैं। पुजारी हृदयानंद तिवारी ने बताया कि पूर्वजों के जमाने से ही यहां पर बाबा की पूजा हुआ करता है। पूर्व में बाबा के स्थान पर विशाल सेमर का वृक्ष था जो धीरे-धीरे कमजोर होते हुए गिर गया। सेमर का वृक्ष गिरने के बाद उसी स्थान पर उपजा पीपल का वृक्ष आज विशालकाय के रूप में बाबा डीवार को छाया प्रदान करता है। इन्हीं के चबूतरे पर इलाके के अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश के सैकड़ों श्रद्धालु माघ पूर्णिमा पर आते हैं और अपनी मन्नत मांग कर जाते हैं। विंढमगंज। माघ पूर्णिमा पर रविवार को आश्रम मोड़ खैराही में चल रहे एक कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दौरान सर्वजीत सिंह व रवींद्र यादव का उपनयन संस्कार किया गया। अन्य दस लोगों को गायत्री महामंत्र की दीक्षा ीद गई। यज्ञ की पूर्णाहुति पर मौजूद लोगों ने अच्छाई ग्रहण करने का संकल्प लिया। वहीं शिव प्रसाद यादव, राजकुमारी देवी, निर्मला सिंह, रंजीत सिंह, नीलम यादव, ओमप्रकाश यादव, कुसुम यादव, तृप्ति यादव आदि को गायत्री मंत्र का दीक्षा संस्कार कराया गया। संवाद