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Ghazipur News: मुठभेड़ में दो बार बचा बैंक में चोरी का आरोपी विपिन, शोबिंद-सन्नी दयाल मारे गए
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गाजीपुुर। लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के मटियारी स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में चोरी के गिरफ्तार आरोपी विपिन कुमार वर्मा पुलिस की पूछताछ में कई राज उगले हैं। बताया कि मुठभेड़ के दौरान दो बार एनकाउंटर से बचा है। पहली मुठभेड़ लखनऊ में हुई थी। इसमें शोबिंद मारा गया था। जब मुठभेड़ हुई थी, तब वह भी गाड़ी में बैठा था, लेकिन मौका पाकर भाग निकला। बाद में सन्नी दयाल ने बाइक से बिहार जाने का इंतजाम किया, लेकिन गाजीपुर पुलिस की घेराबंदी में फंस गया। मुठभेड़ में सन्नी मारा गया।
विपिन ने पुलिस को बताया कि दो साथियों के मारे जाने के बाद वह डर गया था। उसके ऊपर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। 21 दिसंबर को साथी अरविंद उर्फ दिलावर, बलिराम उर्फ बबलू, कैलाश बिंद मिथुन कुमार, शोबिंद, सन्नी दयाल के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद दो गाड़ियों में बैठ कर भाग निकले थे। एक गाड़ी में अरविंद उर्फ दिलावर, बलिराम उर्फ बबलू, कैलाश बिंद बैठे थे तो दूसरी गाड़ी में मिथुन कुमार, सोबिंद, सन्नी दयाल। रास्ते में एक जगह सन्नी दयाल और हम गाड़ी उतर गए। सन्नी दयाल ने कहीं से एक मोटर साइकिल की व्यवस्था की। इसी बाइक पर सवार होकर दोनों गाजीपुर के रास्ते बिहार जा रहे थे।
23 दिसंबर की रात दोनों बिहार बॉर्डर के पास पहुंचे थे कि रास्ते में पुलिस ने बाइक रुकवाने का प्रयास किया डर गए। बाइक विपिन ही चला रहा था। पुलिस ने पीछा किया तो मुख्य सड़क छोड़ कर कच्चे रास्ते की तरफ भागना पड़ा। इस बीच बाइक पर पीछे बैठा सन्नी दयाल फायर करने लगा। फायरिंग होता देख बाइक वहीं रोकर वह तरफ भाग गया और सन्नी मुठभेड़ में मारा गया, जो अमलिया थाना असरगंज जनपद मुंगेर, बिहार का निवासी था।
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लगातार तीन-चार किमी भागा था विपिन, खेत में गुजारी थी रात
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र के पिपरपुरवा गांव निवासी विपिन कुमार वर्मा अंधेरे का लाभ उठाकर खेत की तरफ भागा था। पूछताछ में उसने पुलिस के बताया कि करीब 3-4 किमी तक भागा था। पूरी रात खेत में ही छिपा रहा। दिन में इधर-उधर छिपकर समय पास किया। उसने लोडेड तमंचा भी रखा था।
चोरी के बाद मिले थे दस हजार रुपये
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ में मारे गए सन्नी दयाल ने चोरी के बाद विपिन कुमार वर्मा को 10 हजार रुपये दिया था। वह ट्रेन पकड़ कर अपने घर की तरफ भागने की फिराक में था। इस बीच पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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विपिन ने पुलिस को बताया कि दो साथियों के मारे जाने के बाद वह डर गया था। उसके ऊपर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। 21 दिसंबर को साथी अरविंद उर्फ दिलावर, बलिराम उर्फ बबलू, कैलाश बिंद मिथुन कुमार, शोबिंद, सन्नी दयाल के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद दो गाड़ियों में बैठ कर भाग निकले थे। एक गाड़ी में अरविंद उर्फ दिलावर, बलिराम उर्फ बबलू, कैलाश बिंद बैठे थे तो दूसरी गाड़ी में मिथुन कुमार, सोबिंद, सन्नी दयाल। रास्ते में एक जगह सन्नी दयाल और हम गाड़ी उतर गए। सन्नी दयाल ने कहीं से एक मोटर साइकिल की व्यवस्था की। इसी बाइक पर सवार होकर दोनों गाजीपुर के रास्ते बिहार जा रहे थे।
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23 दिसंबर की रात दोनों बिहार बॉर्डर के पास पहुंचे थे कि रास्ते में पुलिस ने बाइक रुकवाने का प्रयास किया डर गए। बाइक विपिन ही चला रहा था। पुलिस ने पीछा किया तो मुख्य सड़क छोड़ कर कच्चे रास्ते की तरफ भागना पड़ा। इस बीच बाइक पर पीछे बैठा सन्नी दयाल फायर करने लगा। फायरिंग होता देख बाइक वहीं रोकर वह तरफ भाग गया और सन्नी मुठभेड़ में मारा गया, जो अमलिया थाना असरगंज जनपद मुंगेर, बिहार का निवासी था।
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लगातार तीन-चार किमी भागा था विपिन, खेत में गुजारी थी रात
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र के पिपरपुरवा गांव निवासी विपिन कुमार वर्मा अंधेरे का लाभ उठाकर खेत की तरफ भागा था। पूछताछ में उसने पुलिस के बताया कि करीब 3-4 किमी तक भागा था। पूरी रात खेत में ही छिपा रहा। दिन में इधर-उधर छिपकर समय पास किया। उसने लोडेड तमंचा भी रखा था।
चोरी के बाद मिले थे दस हजार रुपये
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ में मारे गए सन्नी दयाल ने चोरी के बाद विपिन कुमार वर्मा को 10 हजार रुपये दिया था। वह ट्रेन पकड़ कर अपने घर की तरफ भागने की फिराक में था। इस बीच पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।