गाजीपुर। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) और यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले बुधवार को जिले में बैंक कर्मियों ने हड़ताल की। इस दौरान कर्मचारी केंद्र सरकार की नव उदारवादी, कॉरपोरेट समर्थक, श्रमिक विरोधी नीतियों, लेबर कोड के विरोध में जमकर गरजे। बैंककर्मियों की हड़ताल से जिले में लगभग 300 करोड़ का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हुआ।
सुबह 10 बजे से ही जिला मुख्यालय स्थित यूबीआई, पंजाब नेशनल आदि बैंकों पर हड़ताल शुरू हो गई थी। नगर के महुआबाग स्थित यूबीआई के कार्यालय पर बैंककर्मियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी की गई। वक्ताओं ने कहा कि नव उदारवादी, कॉरपोरेट समर्थक, श्रमिक विरोधी व लेबर कोड नीतियों के कारण कर्मियों और ग्राहकों का हित प्रभावित होगा। इन नीतियों को वापस लेने की जरूरत है। हड़ताल का उद्देश्य बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण, ठेका प्रथा, पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करना है। निजीकरण, विनिवेश व ठेका प्रथा को बढ़ावा देने वाली नीतियों को जनता और श्रमिकों के हित के खिलाफ बताया गया। आरोप लगाया कि इन नीतियों के माध्यम से संपत्तियों को उद्योगपतियों के हाथों में सौंपा जा रहा है। इससे महंगाई, बेरोजगारी व असुरक्षा बढ़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने नए लेबर कोड को भी श्रमिक अधिकारों के लिए खतरा बताया। इस मौके पर संतोष कुमार, अशोक कुमार, मोहम्मद तसवर, सत्येंद्र गुप्ता, कमलेश सिंह आदि मौजूद रहे।