गाजीपुर: बाहुबली मुख्तार अंसारी का बेहद करीबी नन्हे खां प्रधान गिरफ्तार, 25 हजार का था इनाम
बांदा जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। गाजीपुर की करीमुद्दीनपुर पुलिस ने शुक्रवार को मुख्तार अंसारी गैंग के बेहद करीबी सदस्य को गिरफ्तार कर लिया। मेहरूद्दीन उर्फ नन्हे खां मुख्तार का सहयोगी रहा है और अपराधिक गतिविधियों मे लिप्त रहता था।
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जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों पर यूपी पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। शुक्रवार को गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के महेंद गांव से मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी कहे जाने वाले नन्हे खां प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। महेंद गांव निवासी मेहरुद्दीन खां उर्फ नन्हे प्रधान के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई थी।
करीमुद्दीनपुर पुलिस को सूचना मिली कि वह गांव में ही है। शुक्रवार सुबह क्षेत्राधिकारी राजीव द्विवेदी के नेतृत्व मे करीमुद्दीनपुर, बरेसर,नोनहरा, मुहम्मदाबाद थाने की फोर्स और पीएसी जवानों के साथ नन्हे खां प्रधान घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। थानाध्यक्ष करीमुद्दीनपुर ने बताया की जिलाधिकारी के आदेश की अवहेलना करने पर गुंडा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर नन्हे खां को जेल भेज दिया गया।
बताया जाता है कि मेहरूद्दीन उर्फ नन्हे खां मुख्तार का सहयोगी रहा है। वह अपराधिक गतिविधियों मे लिप्त रहता था। जिलाधिकारी ने तीन माह पहले नन्हे खां को जिला बदर धोषित किया था। लेकिन इस आदेश की अवहेलना कर वह घर पर ही रह कर अपराधिक गतिविधियों में लगा हुआ था। मेहरूद्दीन ऊर्फ नन्हें खां महेंद गांव मे दो बार प्रधान रहा है।
प्रधान रहने के दौरान ही वह मुख्तार अंसारी के संपर्क में आय़ा था। नन्हे खां प्रधान के खिलाफ बलिया के चितबड़ागांव थाने और करीमुद्दीनपुर मे आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। कुछ महीने पहले एडीजे कानून के निर्देश पर बलिया जिले के चितबड़ागांव और करीमुद्दीनपुर की पुलिस नन्हें खां के घर दबिश देने गयी थी लेकिन आरोपी फरार हो गया था।
तब चितबड़ागांव पुलिस उसके एक रिश्तेदार को अपनी गाड़ी मे बैठा कर ले जाने लगी थी। जिस पर प्रधान के समर्थकों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। घटना के बाद पुलिस प्रशासन सख्त हुई और उके द्वारा मगई नदी में निजी खर्चा से कराये जा रहे अवैध पुल निर्माण को ढहा दिया गया था। काफी दिनों से वह फरार चल रहा था। नन्हे खां पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था।