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बर्फीली हवा और कोहरे ने बढ़ाया गलन
ब्यूरो,अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Fri, 09 Dec 2016 10:41 PM IST
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कोहरे से जन जीवन अस्त-व्यस्त
- फोटो : अमर उजाला
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सर्द हवा और कोहरे के कारण इन दिनों गलन में इजाफा हो गया है। शीतलहर के साथ हवा चलने से ठंड बढ़ गई जिससे लोग परेशान दिखे। शुक्रवार को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। ऐसे में अधिकतम तापमान 25 से लुढ़क कर 22.4 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले तीन दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है। मौसम के जानकारों की माने तो आसमान में बादल के साथ कोहरा छाया रहेगा और सूरज के दर्शन भी नहीं होंगे।
ठंड ने गुरबत में जीने वालों की रोजी-रोटी छीन ली है। फुटपाथ दूकानदार से लेकर दिहाड़ी मजदूरी करने वाले ठंड से काफी प्रभावित हैं। खासकर रिक्शा चालक, मनरेगा मजदूर, खेती करने वाले किसान और मजदूर, रेलवे स्टेशन पर सामान ढोने वाले कुली, वाहनों पर खलासी का काम करने वाले युवक, निजी होटल, रेस्तरा और दूकानों पर दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगों के लिए यह ठंड आफत बनी हुई है। हाड़कंपाने वाली ठंड के कारण आम जनजीवन के साथ ही पशु-पक्षी भी बेहाल हैं।
मौसम में आए बदलाव का असर पूरी तरह छंटने में अभी वक्त लगेगा। देर शाम सर्द हवा और कोहरे का असर बढ़ने से गलन तेज हो जा रही है। बाजार में सन्नाटा पसर जा रहा है। सड़कें सुनी हो जा रही है। लोग रजाई में दुबक जा रहे हैं। देर रात ठंड और गलन का असर सूर्य के निकलने तक बना रह रहा है।
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सूर्य की रोशनी न निकलने तथा कोहरा छंटने में समय लग रहा है। कभी-कभी हवा चलने से लोगों को अधिक ठंड महसूस हो रही है। शुक्रवार को पूरे दिन सूर्य बादलों में छिपे रहे। दोपहर बाद हल्की धूप खिलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली। धूप निकलने के बाद भी सर्द हवा की वजह से गलन और ठंड अंदर तक चुभती रही। पिछले कई दिनों से ठंड में बढ़ोत्तरी का दौर जारी है।
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ठंड ने गुरबत में जीने वालों की रोजी-रोटी छीन ली है। फुटपाथ दूकानदार से लेकर दिहाड़ी मजदूरी करने वाले ठंड से काफी प्रभावित हैं। खासकर रिक्शा चालक, मनरेगा मजदूर, खेती करने वाले किसान और मजदूर, रेलवे स्टेशन पर सामान ढोने वाले कुली, वाहनों पर खलासी का काम करने वाले युवक, निजी होटल, रेस्तरा और दूकानों पर दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगों के लिए यह ठंड आफत बनी हुई है। हाड़कंपाने वाली ठंड के कारण आम जनजीवन के साथ ही पशु-पक्षी भी बेहाल हैं।
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मौसम में आए बदलाव का असर पूरी तरह छंटने में अभी वक्त लगेगा। देर शाम सर्द हवा और कोहरे का असर बढ़ने से गलन तेज हो जा रही है। बाजार में सन्नाटा पसर जा रहा है। सड़कें सुनी हो जा रही है। लोग रजाई में दुबक जा रहे हैं। देर रात ठंड और गलन का असर सूर्य के निकलने तक बना रह रहा है।
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सूर्य की रोशनी न निकलने तथा कोहरा छंटने में समय लग रहा है। कभी-कभी हवा चलने से लोगों को अधिक ठंड महसूस हो रही है। शुक्रवार को पूरे दिन सूर्य बादलों में छिपे रहे। दोपहर बाद हल्की धूप खिलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली। धूप निकलने के बाद भी सर्द हवा की वजह से गलन और ठंड अंदर तक चुभती रही। पिछले कई दिनों से ठंड में बढ़ोत्तरी का दौर जारी है।