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अरविंद के नक्शे पर बनेगा आस्ट्रेलिया में वार मेमोरियल
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sun, 18 Jan 2015 11:19 PM IST
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हम तो दरिया हैं, हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ भी चल पड़ेेंगे, रास्ता हो जाएगा...। यह अशआर जिले के अरविंद सिंह पर सटीक बैठता है। जी हां, अरविंद ही हैं वह मानचित्रकार जिनके नक्शे के आधार पर आस्ट्रेलिया में वार मेमोरियल बनाने का निर्णय किया गया है। अपने इलाके के इस लाल की उपलब्धि से क्षेत्र ही नहीं जिले के लोगों में भी हर्ष है।
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परसपुर गांव के शेखपुर मौजा निवासी सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर जमुना सिंह के तीन पुत्रों में सबसे छोटे अरविंद ने प्रारंभिक शिक्षा प्राइमरी पाठशाला बारोडीह मुबारकपुर से पूरी की। इसके बाद वह अपने पिता के साथ जबलपुर चले गए पर भोपाल में बीएसएनएल में इंजीनियर रहे अरविंद के लिए तो कोई ओर ही मंजिल इंतजार कर रही थी। छह वर्ष पहले उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली और प्राइवेट जॉब के सिलसिले में आस्ट्रेलिया चले गए। वहां 2014 में उनका चयन यपुन शहर के लिविंग स्टोन सायर काउंसिल (सरकारी निर्माण एजेंसी) में सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर पद के लिए हो गया।
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इधर, प्रथम विश्वयुद्ध के सौ वर्ष होने पर आस्ट्रेलिया सरकार की ओर से यपुन सहित कुल चार जगहों पर वार मेमोरियल (शहीद स्मारक) बनाने का निर्णय लिया गया। इस निमित्त वहां की निर्माण इकाइयों की तरफ से नक्शा (मानचित्र) बनवाया गया। इसमें अरविंद सिंह की तरफ से बनाए गए मानचित्र को काफी सराहा गया।
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आस्ट्रेलिया सरकार ने अरविंद सिंह के नक्शे के आधार पर ही वार मेमोरियल बनाने का निर्णय लिया। पिछले सप्ताह सपरिवार गांव आए अरविंद ने खास बातचीत में बताया कि जॉब या महत्वाकांक्षाएं पूरी करने के लिए व्यक्ति भले ही कहीं चला जाए लेकिन अपनी माटी में अपनापन होता है। इसी कारण मैं प्रत्येक वर्ष कुछ दिन गांव में बिताने अवश्य आता हूं। पत्नी अंजना और पुत्र अभिनव प्रताप सिंह के साथ गांव आए अरविंद युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत बने हुए हैं।