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शुद्ध सब्जियों के साथ ही आर्थिक सहयोग भी प्रदान कर रही ॐरसोई वाटिकाॐ

Sun, 16 May 2021 05:43 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 16 May 2021 05:43 PM IST
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Arsoi Vatika is providing economic support along with pure vegetables.
जखनिया। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम को लेकर देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के चलते एक ओर जहां समय व्यतीत करना मुश्किल हो रहा है। वहीं दूसरी ओर बाजार से सब्जियां लाने में भी संकोच हो रहा है कि कहीं संक्रमित न हो जाएं। ऐसे समय में आप घर में खाली पड़ी जगह पर, छत पर या बालकनी में रसोई वाटिका (किचन गार्डेन) तैयार कर सकते हैं। इससे आपको न केवल ताजा एवं शुद्ध सब्जियां मिलेंगी। बल्कि आपका महीने का खर्च भी कम हो जाएगा। क्षेत्र के एक परिवार के स्कूली बच्चों ने रसोई वाटिका की स्थापना कर एक मिसाल कायम कर दिया। यहां उनकी एक छोटी सी वाटिका से पर्याप्त मात्रा में हरी सब्जियां उपलब्ध होने लगी है। जखनिया क्षेत्र के रुद्रांश एवं मानसी (भाई बहन) ने अपने दादा राधेश्याम की मदद से घर में किचन गार्डेन स्थापित किया। घर पर तुलसी, धनिया, पुदीना, भिंडी, बोरो, टमाटर, बैगन, ककड़ी का लाभ पिछले कई महीनों से ले रहे हैं। बताया कि अगले सप्ताह से नेनुआ, लौकी, कद्दू एवं खीरा भी उपलब्ध होने लगेगा। आजकल बाजार में मिलने वाली सब्जियां बासी होने के साथ-साथ केमिकल वाली भी होती है। इन्हें उगाने या स्टोर करने के लिए कई तरह की चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में घर की रसोई वाटिका से आप ताजी और पौष्टिक सब्जियां खा सकते हैं। इसके साथ ही आम तौर पर एक परिवार का महीने भर में सब्जी पर होने वाला खर्च एक हजार से दो हजार तक होता है। घर पर रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियां जैसे प्याज, टमाटर, लहसुन, बैगन, पालक, तुरई, मेथी आदि उगाकर काफी पैसे बचा सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह कि घर में वाटिका होने से तनाव से मुक्ति मिलती है। इससे आपका दिमाग अच्छे कामों में लगा रहता है। गर्मी के मौसम में किचन गार्डेन का होना आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है। कुछ ऐसे पौधे होते हैं जो कीड़े-मकोड़े को भगाकर हवा को साफ करते हैं। इसके लिए आप अपने किचन गार्डेन में लेमन बाम, तुलसी, मीठा नीम (करी पत्ता), लेवेंडर, रोजमेरी और सिट्रोनेला आदि पौधे लगा सकते हैं। ऑर्गेनिक वाटिका के माध्यम से उर्वरक रहित सब्जियों के प्रयोग से स्वास्थ्य काफी उत्तम रहता है। बताया कि रसोई वाटिका के माध्यम से घर के सामने खाली पड़ी जमीन के साथ ही छत की बालकनी में गमलों आदि के माध्यम से भी सब्ज्यिां उगाकर हम न केवल अपनी सेहत को सुरक्षित कर सकते हैं। बल्कि इससे एक परिवार प्रतिमाह एक से दो हजार रुपए तक बचा सकता है। यानी किचन गार्डेन सेहत एवं जेब दोनों के लिए फायदेमंद है। गार्डेन में निराई-गुड़ाई एवं काम करने से सुबह-शाम हल्की कसरत भी हो जाती है। इस संबंध में रुद्रांश एवं मानसी ने बताया कि हम पहले घर के पास खाली जमीन में फूल पौधों के साथ ही हरियाली देने वाले पौधे लगाया करते थे लेकिन दादाजी द्वारा यह विचार लाया गया कि अगर हम किचन वाटिका के माध्यम से रोजमर्रा की सब्जियों की खेती करें तो हरियाली, पर्यावरण अनुकूलता, प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही शुद्ध सब्जियों की उपलब्धता हो जाएगी।
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