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Ghazipur News: नाराज किसान नहीं माने, आए थे आला अधिकारी मनाने

Sun, 08 Jan 2023 11:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 11:47 PM IST
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Angry farmers did not agree, top officials came to persuade
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए अधिगृहित की गई भूमि का मुआवजा कम दिए जाने को लेकर किसान आक्रोशित हैं। रविवार को सरायबंदी गांव के किसानों को समझाने-बुझाने पहुंची सदर एसडीएम प्रतिभा मिश्रा, सदर तहसीलदार अभिषेक कुमार, नायब तहसीलदार राहुल सिंह को बैरंग लौटना पड़ा। नाराज किसानों ने एक स्वर में कहा कि सरकार द्वारा जो घोषणाएं होती है उसको अमल में नहीं लाया जा रहा है।
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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस को शेखपुर से माझी घाट तक बनना है। उसका मुआवजा सरकार 2015 के सर्किल रेट पर देना चाहती है, जबकि भूमि अधिगृहित कानून 2013 के हिसाब से हर साल 20 फीसदी की बढ़ोतरी करके मुआवजा देना चाहिए। किसानों के बीच घंटों चले बातचीत के बाद भी कोई निष्कर्ष निकलकर सामने नहीं आया। किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।
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किसान वीरेंद्र राजभर ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सर्किल रेट ज्यादा और ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे पर सर्किल रेट कम क्यों है। किसानों की जमीन को ओने पौने दामों में क्यों सरकार लेना चाहती है, जब तक हमारी जमीन का उचित मूल्य नहीं मिलेगा। हम लोग अपनी जमीन नहीं देंगे। किसान नेता महेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार जिस प्रकार अपने अधिकारियों कर्मचारियों को किसान के बीच भेज रही है कि किसी भी तरीके से किसान को समझाया जा सके और एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण में आ रही अड़चनों को दूर किया जा सके, लेकिन किसान अपनी जमीन दान में क्यों देगा।
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किसान का उचित मूल्य या फिर जमीन के बदले जमीन उपलब्ध कराया जाए। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में किसी भी किसान की जमीन सरकार द्वारा जबरदस्ती रजिस्ट्री नहीं कराई जा सकती। इसके लिए किसी भी हद तक संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। इस मौके पर सदर एसडीएम प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि कुछ किसान तैयार हैं, वही कुछ किसान अभी उहापोह की स्थिति में है। लेकिन जमीन की जो सर्किल रेट तय की गई है। सर्किल रेट किसी भी स्थिति में बढ़ाया नहीं जाएगा।

इस मौके पर किसान लालजी यादव, रामरतन यादव ,नंदू राजभर, वीरेंद्र राजभर, रामलाल राजभर, शिव मूरत, जय मूरत सहित क्षेत्रीय लेखपाल विजय बहादुर और दर्जनभर गांवों के किसान मौजूद रहे।
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