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छह महीने के काम में िकए तीन वर्ष तमाम

Sat, 16 Jul 2022 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jul 2022 11:27 PM IST
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All three years in six months of work
जनपद के सैकड़ों निराश्रित गोवंशों को आश्रय के साथ चारा, पानी की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 500-500 पशुओं की क्षमता के दो गो-आश्रय स्थल का काम होना था। मार्च 2019 में सादात और जमानिया नगर पंचायत क्षेत्र में इसका काम शुरू हुआ। जिसे छह महीने में पूरा कर सारी व्यवस्था बहाल कर देना था। लेकिन तीन साल बाद बीत जाने के बाद भी दोनों स्थायी गो-आश्रय स्थल हैंडओवर नहीं हो पाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो साल में कोरोना के चलते काम प्रभावित रहा। जबकि साल 2022 में भी छह माह से अधिक का समय बीत गया फिर भी 80 से 85 फीसदी काम हो पाया है।
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शासन की तरफ से कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के तहत जमानियां के स्टेशन बाजार स्थित पटखौलिया मोहल्ले में कांशीराम आवास और सादात में स्टेशन के बगल में स्थायी गो आश्रय स्थल का काम शुरू हुआ। जमानिया में एक करोड़ 65 लाख और सदात में एक करोड़ 59 लाख में काम होना था। जिसमें 500 पशुओं के क्षमता का टीन शेड, चरनी, कर्मचारी आवास, बोरिंग, समरसेबल समेत अन्य काम होना था। इसके लिए जमानिया में तीनों किस्त अवमुक्त कर दिया गया है। जबकि सादात में तीसरी किस्त बाकी है। ऐसे में ठेकेदार की लापरवाही और नगर पंचायत के अधिकारियों की अनदेखी के चलते काम अधर में लटका है। जमानिया में निर्माण की स्थिति यह है कि बाउंड्री भूसा घर टीन शेड आदि बनकर तैयार है, लेकिन अभी गो आश्रय स्थल के भीतर इंटरलाकिंग के साथ फिनिशिंग का काम बचा हुआ है।
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ऐसे ही सादात में चाहरदीवारी, शेड का हो गया है, लेकिन प्रमुख कामों में भूसा घर, कर्मचारियों के लिए कार्यालय और इंटरलॉकिंग का काम बाकी है। यहां कुछ पशुओं को रखा भी गया है लेकिन पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाने से पूरी क्षमता के साथ इसको उपयोग में नहीं लाया जा रहा है।
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पशु चिकित्सालय में 60 की जगह 90 से ज्यादा पशु रखने की मजबूरी
जमानिया पशु चिकित्सालय में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बना है। यहां 60 पशुओं के रखने की क्षमता है। लेकिन फिलहाल यहां पर 90 से अधिक पशु रखे गये हैं। जिससे पशुओं के बीच में दूरी नहीं होने से आपस में भीड़ जाते हैं। जिसमें बड़े पशुओं के हमले से छोटे और कमजोर पशुओं की मौत भी हो जाती है। यहां भूसा रखने, बाउंड्रीवाल और शेड की व्यवस्था ठीक ढ़ंग से नहीं होने से पशुओं को भी काफी परेशानी होती है। ऐसे में स्थायी गो आश्रय स्थल ही इनके समस्याओं का समाधान कर सकता है।
मादा पशुओं के लिए शेड नहीं होने से परेशानी
जमानिया में पशु चिकित्सालय के गो आश्रय स्थल में साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने से वहां कीचड़ पटा हुआ है। नर और मादा पशुओं को अलग-अलग तो रखा गया है लेकिन मादा पशुओं के लिए शेड आदि की व्यवस्था नहीं होने से धूप और बारिश में कठिनाई झेलना पड़ता है। जबकि नर पशुओं के लिए पेड़ की छांव की व्यवस्था होने से कुछ राहत है।

कार्य अब तक कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए था लेकिन ठेकेदार की लापरवाही की वजह से पूर्ण नहीं हो सका है। जिस पर ठेकेदार को नोटिस जारी की गई है और कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में ठेका निरस्त कर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। कार्य में जल्द पूरा कर दिया जाएगा।
अब्दुल सब्बुर, अधिशासी अधिकारी जमानिया नगर पंचायत
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