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तीन माह बाद भी नहीं मिली पाठ्य पुस्तकें

Thu, 04 Aug 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर Updated Thu, 04 Aug 2016 12:02 AM IST
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प्रोत्साहन योजना के तहत परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाली नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण तीन महीने बीत जाने के बाद भी अब तक नहीं हो पाया है। आगे भी इस माह में पुस्तकों का वितरण होने की उम्मीद नहीं है। शासन स्तर पर इन पुस्तकों के मुद्रण का कार्य भी अभी तक पूरा नहीं कराया जा सका है। ऐसी स्थिति में बच्चे अगले महीने होने वाली सत्र परीक्षा को बिना पुस्तकों के ही देने को मजबूर होंगे।
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जिले में 1953 प्राथमिक विद्यालय में करीब ढाई लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। वहीं 802 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 68 हजार बच्चे पढ़ते हैं। इसके अलावा करीब हजार विद्यालय मान्यता एवं सहायता प्राप्त एवं इंटर कालेजों से संबद्ध जूनियर हाईस्कूल हैं। इन विद्यालयों में भी एक लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। बालिका शिक्षा योजना के तहत संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं को भी यह पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती है।
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 वर्तमान शैक्षिक सत्र के करीब तीन महीने पूरे होने जा रहे हैं लेकिन अभी तक यह पुस्तकें शासन स्तर से जिला मुख्यालय को प्राप्त नहीं हो सकी है। जबकि प्रत्येक सत्र में पहली सत्र परीक्षा सितंबर माह में होना निश्चित है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि इस बार सत्र परीक्षा तक इन पुस्तकों का वितरण होना संभव दिखाई नहीं दे रहा है। यह पहला अवसर है जब तीन महीने बीतने को हैं और नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण बच्चों को नहीं हो सका है। ऐसी स्थिति में प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार की बात करना कोरा कागज साबित हो रहा है। 
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