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Ghazipur News: अधिवक्ता 17 तक कार्य से रहेंगे विरत
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कासिमाबाद। स्थानीय तहसील का मुख्य भवन नहीं होने से अधिकारियों के साथ-साथ अधिवक्ताओं को काम करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। मुख्य भवन की मांग को लेकर तहसील के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को बैठक कर 17 जून तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील बनने के छह वर्ष बाद भी तहसील का भवन उपलब्ध नहीं हो पाया है। इस भीषण गर्मी के मौसम में अधिवक्ताओं के साथ वादकारियों का बुरा हाल है।
तहसील कासिमाबाद के सेंट्रल बार एसोसिएशन एवं तहसील बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि भीषण गर्मी में एवं लू के कारण वादकरियों एवं अधिवक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है। तहसील की स्थापना व संचालन के छह वर्ष बाद भी तहसील का मुख्य भवन नहीं बन पाया है। अधिवक्ताओं ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही एवं शिथिलता के कारण अब तक तहसील के नाम से आवंटित भूमि का नामांतरण खतौनी में नहीं हो सका है। नामांतरण नहीं होने से राजस्व परिषद से तहसील भवन के लिए धन आवंटित नहीं हो पा रहा है। इस भीषण गर्मी में आलम यह है कि अधिवक्ताओं को खुले में बैठकर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यही नहीं मुख्य भवन के अभाव में तहसील के सभी कार्यालय छोटे-छोटे एवं जर्जर भवनों में चल रहे हैं। भवन के अभाव में सरकारी रिकॉर्ड अभी तक पूरी तरह से यहां नहीं आ पाए हैं। इस कारण आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 17 जून तक सभी न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इस बैठक में तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि प्रकाश तिवारी, सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव, नीलगगन, रमेश कुमार, आलोक कुमार दुबे, अर्चिता, शेषनाथ सिंह, प्रेमसागर, पूर्व अध्यक्ष संतोष कुमार, संजय तिवारी आदि मौजूद रहे।
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तहसील कासिमाबाद के सेंट्रल बार एसोसिएशन एवं तहसील बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि भीषण गर्मी में एवं लू के कारण वादकरियों एवं अधिवक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है। तहसील की स्थापना व संचालन के छह वर्ष बाद भी तहसील का मुख्य भवन नहीं बन पाया है। अधिवक्ताओं ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही एवं शिथिलता के कारण अब तक तहसील के नाम से आवंटित भूमि का नामांतरण खतौनी में नहीं हो सका है। नामांतरण नहीं होने से राजस्व परिषद से तहसील भवन के लिए धन आवंटित नहीं हो पा रहा है। इस भीषण गर्मी में आलम यह है कि अधिवक्ताओं को खुले में बैठकर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यही नहीं मुख्य भवन के अभाव में तहसील के सभी कार्यालय छोटे-छोटे एवं जर्जर भवनों में चल रहे हैं। भवन के अभाव में सरकारी रिकॉर्ड अभी तक पूरी तरह से यहां नहीं आ पाए हैं। इस कारण आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 17 जून तक सभी न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इस बैठक में तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि प्रकाश तिवारी, सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव, नीलगगन, रमेश कुमार, आलोक कुमार दुबे, अर्चिता, शेषनाथ सिंह, प्रेमसागर, पूर्व अध्यक्ष संतोष कुमार, संजय तिवारी आदि मौजूद रहे।
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