रेवतीपुर। स्थानीय पंचायत भवन सभागार में शुक्रवार को साहित्यकार आचार्य परमानंद शर्मा की 48वीं पुण्यतिथि मनाई गई। मुख्य अतिथि साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि वह केवल एक साहित्यकार ही नहीं, बल्कि संस्कृति के संवाहक थे। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इस तरह के आयोजनों में अपनी अगली पीढ़ी को भी जरूर लेकर आएं, जिससे नई पीढ़ी अपनी संस्कृति, साहित्य और विरासत से जुड़ी रहे। डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि आचार्य परमानंद शर्मा के जो भी अप्रकाशित और उपलब्ध साहित्य हैं, उन्हें ग्रंथमाला के रूप में प्रकाशित कराने में वे पूरा सहयोग करेंगे। इस अवसर पर कामेश्वर राय, सच्चिदानंद राय, रणधीर यादव, प्रवीण राय, मनोज कुमार राय, विजय शंकर पाल आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. झारखंडेय पांडेय और संचालन साहित्यकार मृत्युंजय राय अमर ने किया।