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सुरक्षित नहीं रही रोडवेज बस की यात्रा
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Thu, 14 Apr 2016 10:50 PM IST
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उत्तर प्रदेश परिवहन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
निजी बसों की अपेक्षा रोडवेज की बसों से यात्रा सुरक्षित मानी जाती है लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। लंबी दूरी की बसों का मेंटिनेंस नहीं होने के कारण होने वाली घटनाओं से इनमें यात्रा करना खतरनाक साबित हो रहा है। इसकी एक बानगी गुरुवार को देखने को मिली, वाराणसी से सोनौली जाने वाली काशी डिपो की बस सिधौना पहुंची ही थी कि अचानक रेडिएटर से खौलता पानी निकलने लगा जिससे अगली सीट पर बैठा यात्री झुलस गया। बस में फर्स्ट एड बाक्स न होने के कारण कंडेक्टर झुलसे यात्री को एंटीसेप्टिक मरहम तक नहीं लगा सका। हीटिंग के चलते बस खुद न बंद हुई होती तो बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। घटना के बाद यात्रियों में हड़कंप मच गया।
यात्रियों से भरी काशी डिपो की वाराणसी से सोनौली जाने वाली रोडवेज बस (यूपी 65 एटी 0578) वाराणसी कैंट रोडवेज स्टेशन से गुरुवार सुबह करीब दस बजे रवाना हुई। 11 बजे के करीब यह बस सिधौना पहुंची ही थी कि बस की बोनट के बगल में लगे रेडिएटर से अचानक खौलता हुआ पानी निकलने लगा। रेडिएटर का मुंह यात्री सीट की तरफ होने के कारण अगली सीट पर बैठे चंदौली के पड़ाव मड़िया निवासी अरशद (42) का एक पैर गर्म पानी से झुलस गया। वह दर्द से तड़पता रहा लेकिन कंडेक्टर ने बस नहीं रुकवाई।
यात्रियों के सलाह पर चलती बस में अरशद ने राहत के लिए पैंट निकाल कर गमछा लपेटा। इसके बाद बस सैदपुर थाने के सामने पहुंची ही थी कि रेडियटर से फिर खौलता पानी और इंजन से धुआं निकलने लगा। इंजन इतना गरम हो गया कि बस खुद बंद हो गई। चालक ने बस आगे ले जाने में अक्षमता जताते हुए यात्रियों को उतार दिया। इस दौरान एक यात्री ने आरएम से शिकायत की और उनकी बात कंडेक्टर से कराई। आरएम ने कंडेक्टर को पीछे से जा रही दूसरी बस से यात्रियों को रवाना करने का निर्देश दिया। इसके चलते देर तक यात्रियों को धूप में परेशान रहना पड़ा। झुलसने के कारण अरशद गाजीपुर न जाकर वाराणसी लौट गया।
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यात्रियों से भरी काशी डिपो की वाराणसी से सोनौली जाने वाली रोडवेज बस (यूपी 65 एटी 0578) वाराणसी कैंट रोडवेज स्टेशन से गुरुवार सुबह करीब दस बजे रवाना हुई। 11 बजे के करीब यह बस सिधौना पहुंची ही थी कि बस की बोनट के बगल में लगे रेडिएटर से अचानक खौलता हुआ पानी निकलने लगा। रेडिएटर का मुंह यात्री सीट की तरफ होने के कारण अगली सीट पर बैठे चंदौली के पड़ाव मड़िया निवासी अरशद (42) का एक पैर गर्म पानी से झुलस गया। वह दर्द से तड़पता रहा लेकिन कंडेक्टर ने बस नहीं रुकवाई।
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यात्रियों के सलाह पर चलती बस में अरशद ने राहत के लिए पैंट निकाल कर गमछा लपेटा। इसके बाद बस सैदपुर थाने के सामने पहुंची ही थी कि रेडियटर से फिर खौलता पानी और इंजन से धुआं निकलने लगा। इंजन इतना गरम हो गया कि बस खुद बंद हो गई। चालक ने बस आगे ले जाने में अक्षमता जताते हुए यात्रियों को उतार दिया। इस दौरान एक यात्री ने आरएम से शिकायत की और उनकी बात कंडेक्टर से कराई। आरएम ने कंडेक्टर को पीछे से जा रही दूसरी बस से यात्रियों को रवाना करने का निर्देश दिया। इसके चलते देर तक यात्रियों को धूप में परेशान रहना पड़ा। झुलसने के कारण अरशद गाजीपुर न जाकर वाराणसी लौट गया।
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