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हादसे में हवलदार की मौत से दौड़ी शोक की लहर
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मृतक अनिल यादव (फाईल फोटो)
- फोटो : GHAZIPUR
दुबिहा। करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी पीएसी में हवलदार के पद पर तैनात अनिल यादव की शुक्रवार की शाम रतनपुरा में सड़क हादसे में मौत हो गई। दुर्घटना की जानकारी होते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
अनिल यादव 2005 में पीएसी में भर्ती हुए थे। इस समय हवलदार के पद पर तैनात थे। उनकी ड्यूटी चुनाव के लिए मऊ में लगी थी, जिसमें वे अपनी टोली के साथ मऊ जनपद में गए हुए थे। शुक्रवार की शाम वह वापस बस से बलिया लौट रहे थे कि रतनपुरा के सामने एक स्कूली बस से आमने सामने टक्कर में आधा दर्जन जहां जवान घायल हो गए थे। अनिल यादव को भी गंभीर चोटें आई थीं। मऊ अस्पताल जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। पिता उमाशंकर यादव सीआरपीएफ सेवानिवृत्त है। मृतक माता- पिता के इकलौते पुत्र थे। पत्नी आशा गांव के ही विद्यालय में ही शिक्षा मित्र हैं। इनके दो बच्चे हैं विकास और विशाल है। मां सुशीला देवी और पत्नी आशा देवी रोते-रोते अचेत हो रही थी।
ड्यूटी से लौटते समय हुई थी बात
दुबिहा। अनिल जब मऊ से शुक्रवार की शाम चले तो अपनी पत्नी के मोबाइल पर बात करके बताया था की हम घर आ रहे हैं। किसी को बाइक से रसड़ा बाजार भेज दो। पत्नी ने पड़ोस के लड़के को भेज दिया था। जब देर तक पता नहीं चला तो उन्होंने पति के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन जबाब नहीं मिला। कुछ देर बाद बचाव में लगे लोगों ने बताया की उनके बस का ऐक्सिडेंट हो गया है। वह यह सुनते ही बेहोश होकर गिर पड़ी।
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अनिल यादव 2005 में पीएसी में भर्ती हुए थे। इस समय हवलदार के पद पर तैनात थे। उनकी ड्यूटी चुनाव के लिए मऊ में लगी थी, जिसमें वे अपनी टोली के साथ मऊ जनपद में गए हुए थे। शुक्रवार की शाम वह वापस बस से बलिया लौट रहे थे कि रतनपुरा के सामने एक स्कूली बस से आमने सामने टक्कर में आधा दर्जन जहां जवान घायल हो गए थे। अनिल यादव को भी गंभीर चोटें आई थीं। मऊ अस्पताल जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। पिता उमाशंकर यादव सीआरपीएफ सेवानिवृत्त है। मृतक माता- पिता के इकलौते पुत्र थे। पत्नी आशा गांव के ही विद्यालय में ही शिक्षा मित्र हैं। इनके दो बच्चे हैं विकास और विशाल है। मां सुशीला देवी और पत्नी आशा देवी रोते-रोते अचेत हो रही थी।
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ड्यूटी से लौटते समय हुई थी बात
दुबिहा। अनिल जब मऊ से शुक्रवार की शाम चले तो अपनी पत्नी के मोबाइल पर बात करके बताया था की हम घर आ रहे हैं। किसी को बाइक से रसड़ा बाजार भेज दो। पत्नी ने पड़ोस के लड़के को भेज दिया था। जब देर तक पता नहीं चला तो उन्होंने पति के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन जबाब नहीं मिला। कुछ देर बाद बचाव में लगे लोगों ने बताया की उनके बस का ऐक्सिडेंट हो गया है। वह यह सुनते ही बेहोश होकर गिर पड़ी।
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