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Ghazipur News: महाशिवरात्रि पर बनेगा दुर्लभ संयोग, सर्वार्थ सिद्धि सहित कई शुभ योग

Thu, 12 Feb 2026 12:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Feb 2026 12:18 AM IST
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A rare coincidence will occur on Mahashivratri, with many auspicious yogas including Sarvartha Siddhi
गहमर। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि, व्यतिपात, वरियान और ध्रुव योग के साथ-साथ सूर्य-बुध-शुक्र का त्रिग्रही योग भी रहेगा। इसके अलावा श्रवण नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है, जिसे भगवान शिव के लिए प्रिय माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित रामाकांत पाण्डेय के अनुसार, यह शुभ योग कई दशकों बाद बन रहा है। ऐसे में इस दिन शिव पूजा, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप का विशेष फल प्राप्त होगा।
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महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी को मनाई जाएगी। यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आता है, जिसे वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण शिवरात्रि माना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन सुबह से लेकर रात 7:40 बजे तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। इसके बाद भगवान शिव को प्रिय श्रवण नक्षत्र का संयोग बनेगा। मान्यता है कि श्रवण नक्षत्र में की गई शिव आराधना और अभिषेक अत्यंत शुभ और फलदायी होता है।
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शिवलिंग प्रादुर्भाव और शिव-पार्वती विवाह से जुड़ी मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव का शिवलिंग स्वरूप में प्रादुर्भाव हुआ था। वहीं एक कथा यह भी है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती सात जन्मों के बंधन में बंधे थे। इसी कारण महाशिवरात्रि का महत्व शास्त्रों में अत्यंत विशेष बताया गया है।
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चार प्रहर पूजा का विशेष महत्व
शिव महापुराण के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की कृपा पाने के लिए चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा प्रदोष काल से लेकर निशिथकाल (मध्य रात्रि) और ब्रह्म मुहूर्त तक की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु अपने संकल्प के अनुसार पूजा-अनुष्ठान कर सकते हैं। विशेष रूप से गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और शहद अर्पित करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

रुद्राभिषेक का विशेष फल
महाशिवरात्रि पर जो भी भक्त जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करता है, उसे विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही दशोपचार, पंचोपचार और षोडशोपचार विधि से शिवलिंग पूजन करने पर पापों से मुक्ति और बाधाओं से राहत मिलने की मान्यता है।
शिव को अर्पित वस्तुओं का धार्मिक महत्व
गंगाजल-मानसिक अशांति से मुक्ति
दूध- उत्तम स्वास्थ्य
दही- जीवन में स्थिरता
घी- पौरुष, बल, बुद्धि व विवेक
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