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शिक्षकों के प्रमाणपत्र होंगे आनलाइन
Ghazipur
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों पर तैनात सभी बीएड शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों को आनलाइन करने का आदेश बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से दिया गया है। शासन का आदेश आने के बाद परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों को ब्लाक वार जुटाने को कहा गया है। इस पर हाईकोर्ट भी शासन को दिशा-निर्देश दे चुका है।
जिले के ढाई हजार से अधिक परिषदीय विद्यालयों में पांच हजार के करीब शिक्षकों की तैनाती की गई। वर्ष 1999 से लेकर अब तक बीएड के शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर अभ्यर्थियों को नौकरी दी जाती थी। अब टीईटी की परीक्षा पास करने पर नौकरी देनी की बात कही जा रही है। जिले में वर्ष 1999 में गैर जिलों से स्थानांतरित होकर आए बीएड शिक्षकों में बड़े पैमाने पर फर्जी बीएड शिक्षकों को भी नौकरी दे दी गई है। इसके साथ ही वर्ष 2004 में भी बड़े पैमाने पर बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को बीएड शिक्षक बनाया गया था। इन शिक्षकों पर भी जाली प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हथियाने का आरोप है।
मौजूदा समय में जिलाधिकारी प्रभुएन सिंह के निर्देश पर बीएड शिक्षकों की जांच चल रही है। अब तक दो बीएड शिक्षकों को फर्जी अंक पत्र लगाने के आरोप में बर्खास्त किया जा चुका है। इधर हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों को एक विशेष वेबसाइट बनाकर आनलाइन करने का निर्देश दिया था। इसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई का निर्देश दिया। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी नंदलाल सिंह ने बताया कि शैक्षिक प्रमाण पत्रों को आनलाइन कराने का आदेश मिला हुआ है। कार्रवाई जारी है। इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
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जिले के ढाई हजार से अधिक परिषदीय विद्यालयों में पांच हजार के करीब शिक्षकों की तैनाती की गई। वर्ष 1999 से लेकर अब तक बीएड के शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर अभ्यर्थियों को नौकरी दी जाती थी। अब टीईटी की परीक्षा पास करने पर नौकरी देनी की बात कही जा रही है। जिले में वर्ष 1999 में गैर जिलों से स्थानांतरित होकर आए बीएड शिक्षकों में बड़े पैमाने पर फर्जी बीएड शिक्षकों को भी नौकरी दे दी गई है। इसके साथ ही वर्ष 2004 में भी बड़े पैमाने पर बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को बीएड शिक्षक बनाया गया था। इन शिक्षकों पर भी जाली प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हथियाने का आरोप है।
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मौजूदा समय में जिलाधिकारी प्रभुएन सिंह के निर्देश पर बीएड शिक्षकों की जांच चल रही है। अब तक दो बीएड शिक्षकों को फर्जी अंक पत्र लगाने के आरोप में बर्खास्त किया जा चुका है। इधर हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों को एक विशेष वेबसाइट बनाकर आनलाइन करने का निर्देश दिया था। इसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई का निर्देश दिया। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी नंदलाल सिंह ने बताया कि शैक्षिक प्रमाण पत्रों को आनलाइन कराने का आदेश मिला हुआ है। कार्रवाई जारी है। इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
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