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सबसे ज्यादा खतरा पर्यावरण प्रदूषण से
Ghazipur
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। सर्वांगीण ग्रामीण विकास एवं प्रशिक्षण समिति की ओर से जैव विविधता संरक्षण विषयक कार्यशाला आयोजित की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि आयुर्वेदाचार्य डा. रामजी द्विवेदी ने कहा कि आज विश्व को सबसे ज्यादा खतरा पर्यावरण प्रदूषण से है। इसलिए हम लोगों को ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका संरक्षण करना भी आवश्यक है।
कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि डा. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पृथ्वी पर जनसंख्या का दबाव बढ़ता जा रहा है। नदी-तालाबों को पाट कर खेती और रहन-सहन के उपयोग में ले रहे हैं। इससे भी जैव विविधता संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। डा. राजीव राय ने कहा कि वातावरण को शुद्ध रखने के लिए पारंपरिक मूल्यों की रक्षा करना जरूरी है। अध्यक्षता कर रही कुंती देवी ने तालाबों और खेतों की मेढ़ों के किनारे पेड़-पौधे लगाने की सलाह दी। कहा कि तभी वातावरण में हरियाली रहेगी और पर्यावरण शुद्ध एवं स्वच्छ रह सकता है। सांस्कृतिक टीम ने गीत के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर मिथलेश, पारस पांडेय, त्रिवेणी राम, मुन्ना राम, अशोक कुमार, मीरा, इंदिरा, साधना आदि ने विचार व्यक्त किया। संचालन राणाप्रताप तथा आभार संस्था सचिव बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने व्यक्त किया।
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कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि डा. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पृथ्वी पर जनसंख्या का दबाव बढ़ता जा रहा है। नदी-तालाबों को पाट कर खेती और रहन-सहन के उपयोग में ले रहे हैं। इससे भी जैव विविधता संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। डा. राजीव राय ने कहा कि वातावरण को शुद्ध रखने के लिए पारंपरिक मूल्यों की रक्षा करना जरूरी है। अध्यक्षता कर रही कुंती देवी ने तालाबों और खेतों की मेढ़ों के किनारे पेड़-पौधे लगाने की सलाह दी। कहा कि तभी वातावरण में हरियाली रहेगी और पर्यावरण शुद्ध एवं स्वच्छ रह सकता है। सांस्कृतिक टीम ने गीत के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर मिथलेश, पारस पांडेय, त्रिवेणी राम, मुन्ना राम, अशोक कुमार, मीरा, इंदिरा, साधना आदि ने विचार व्यक्त किया। संचालन राणाप्रताप तथा आभार संस्था सचिव बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने व्यक्त किया।
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