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बरसात में कारागार की छत अब नहीं टपकेगी

Sun, 27 May 2012 12:00 PM IST
Ghazipur
Ghazipur Updated Sun, 27 May 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। इलाहाबाद परिक्षेत्र के डीआईजी जेल बीके जैन ने शनिवार को सूबे की अति संवेदनशील कारागार के बाद आदर्श जेल का दर्जा प्राप्त करने वाली गाजीपुर जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय, बिजली, बैरकों की दशा, जेल के भवनों का निरीक्षण कर कार्यालय के अभिलेखों का भी अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने बंदियों से उनकी समस्याएं भी सुनीं। डीआईजी ने जेल की जर्जर छतों को अविलंब मरम्मत कराने, शौचालयों में टाइल्स लगाने तथा जेल में पीने के पानी के लिए समर सेबल पंप लगवाने के लिए जेल प्रशासन को अविलंब प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है।
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डीआईजी जेल, बीते शुक्रवार की ही रात करीब साढ़े आठ बजे इलाहाबाद से गाजीपुर पहुंचे थे। रात्रि विश्राम के बाद शनिवार की सुबह आठ बजे वह जिला कारागार पहुंचे। इस पर जेल प्रशासन के अधिकारी चौकन्ने हो गए। जो जहां था, वहीं अपनी ड्यूटी में मुस्तैद हो गया। औपचारिक बातचीत के बाद डीआईजी ने जेलर एसके अवस्थी, डिप्टी जेलर आरके सिंह तथा आरके मिश्रा के साथ जेल का निरीक्षण किया। बैरकों में बनवाई गई फर्श, साफ सफाई, पाकशाला, शौचालयों के निरीक्षण में मिली कुछ खामियों को दुरुस्त करने के लिए उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए। बंदियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं से अवगत होने के बाद निराकरण का भी आश्वासन दिया। जेल के जर्जर भवनों को भी डीआईजी ने देखा। जेलर ने डीआईजी को बताया कि अंग्रेजो के जमाने 1869 में बनी इस जेल के अधिकांश भवन जर्जर हो गए हैं। बरसात में छतें टपकती हैं। ऐसे में बैरकों में पानी भा जाता है जिसको लेकर बंदी हो-हल्ला भी करते हैं। यही नहीं जेल में एक ही ट्यूबबेल है। इसी से बागवानी और बंदियों को नहाने, और पीने का पानी मुहैया कराया जाता है। सुविधा को देखते हुए कम से कम एक समर सेबल पंप लगवाया जाना जरूरी है। यही नहीं शौचालयों की दशा भी ठीक नहीं है। ऐसे में टाइल्स लगवाया जाना चाहिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी ने जेल प्रशासन के अधिकारियों को छतों की मरम्मत, समर सेबल पंप लगवाने और शौचालयों में टाइल्स लगवाने के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा। डीआईजी ने बताया कि स्टीमेट के साथ प्रस्ताव मिलते ही धन स्वीकृत कराया जाएगा। ताकि बरसात से पहले छतों टपकने बंद हो जाएं।
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