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रोक सको तो रोको, दौड़ेंगे अपनी मर्जी से
Ghazipur
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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जंगीपुर। परिवहन एवं पुलिस विभाग की मेहरबानी से केंद्र सरकार के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए फिर से मार्गों पर ओवरलोड ट्रक फर्राटे भरने लगे हैं, जिससे जहां दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, वहीं सड़कों पर असर पड़ रहा है। क्षमता से अधिक लोड होने से सड़कें धंस जा रही हैं।
वर्ष 2010 में बसपा सरकार द्वारा एक शासनादेश जारी कर ओवरलोड ट्रकों के संचालन पर अंकुश लगाया था। कहा गया था कि जो ट्रक ओवरलोड पकड़े जाएगें, उस ट्रक चालक, मालिक एवं ट्रांसपोर्टर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजा जाएगा तथा जिस ट्रक को एवं चालक को दो बार ओवरलोडिंग में पकड़ा लिया जाएगा, उस ट्रक का रजिस्ट्रेशन एवं परमिट समाप्त हो जाएगा। केंद्र सरकार ने अपने शासनादेश में राज्य सरकारों को यह आदेश दिया कि कोई भी प्रदेश सरकार अपने यहां ओवरलोडिंग नहीं कराएगी। ओवरलोड के खिलाफ न्यायालय द्वारा भी जिला प्रशासन को आदेश दिया गया, लेकिन उसका असर अभी नहीं दिख रहा है। पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण मुकदमे के आदेश को फिर वापस ले लिया, लेकिन परिवहन अधिकारियों को सख्त आदेश दिया गया कि ओवरलोडिंग पर अंकुश लगा रहेगा। नई सरकार आते ही ट्रकों ने गिट्टी, बालू, सीमेंट आदि को 40 से 50 टन तक लादना शुरु कर दिया। परिवहन एवं पुलिस की मिलीभगत से सोनभद्र से पत्थर एवं बोल्डर लदी गाड़ियां मिर्जापुर, चंदौली, भदोही, वाराणसी, गाजीपुर, गोरखपुर होते हुए महाराजगंज एवं कुशीनगर तक जाती हैं, जिससे जहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं सड़कों पर खराब असर पड़ रहा है। इस संबंध में एआरटीओ संजीव सिंह ने बताया कि ओवरलोड गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ऐसी गड़ियां रात में पास होती हैं।
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वर्ष 2010 में बसपा सरकार द्वारा एक शासनादेश जारी कर ओवरलोड ट्रकों के संचालन पर अंकुश लगाया था। कहा गया था कि जो ट्रक ओवरलोड पकड़े जाएगें, उस ट्रक चालक, मालिक एवं ट्रांसपोर्टर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजा जाएगा तथा जिस ट्रक को एवं चालक को दो बार ओवरलोडिंग में पकड़ा लिया जाएगा, उस ट्रक का रजिस्ट्रेशन एवं परमिट समाप्त हो जाएगा। केंद्र सरकार ने अपने शासनादेश में राज्य सरकारों को यह आदेश दिया कि कोई भी प्रदेश सरकार अपने यहां ओवरलोडिंग नहीं कराएगी। ओवरलोड के खिलाफ न्यायालय द्वारा भी जिला प्रशासन को आदेश दिया गया, लेकिन उसका असर अभी नहीं दिख रहा है। पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण मुकदमे के आदेश को फिर वापस ले लिया, लेकिन परिवहन अधिकारियों को सख्त आदेश दिया गया कि ओवरलोडिंग पर अंकुश लगा रहेगा। नई सरकार आते ही ट्रकों ने गिट्टी, बालू, सीमेंट आदि को 40 से 50 टन तक लादना शुरु कर दिया। परिवहन एवं पुलिस की मिलीभगत से सोनभद्र से पत्थर एवं बोल्डर लदी गाड़ियां मिर्जापुर, चंदौली, भदोही, वाराणसी, गाजीपुर, गोरखपुर होते हुए महाराजगंज एवं कुशीनगर तक जाती हैं, जिससे जहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं सड़कों पर खराब असर पड़ रहा है। इस संबंध में एआरटीओ संजीव सिंह ने बताया कि ओवरलोड गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ऐसी गड़ियां रात में पास होती हैं।
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