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डकैती और तिहरे हत्या कांड में पुलिस बेफ्रिक
Ghazipur
Updated Wed, 28 May 2014 05:33 AM IST
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गाजीपुर। क्राइम कंट्रोल और वारदातों के खुलासे के लिए भले ही सरकार और पुलिस महकमे के आला अधिकारी सख्त हों लेकिन जिला पुलिस अपनी ही धुन में मगन है। सदर कोतवाली क्षेत्र के भुतहिया टांड़ और तुलसीपुर में डकैती के बाद हुई तीन हत्याएं इसकी बानगी है। घटना को तीन हफ्ते से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन पुलिस अभी तक लकीर पीटने तक ही सीमित है।
लोकसभा चुनाव के बाद बढ़ते अपराधों को लेकर सरकार का रवैया सख्त हो चुका है। सरकार द्वारा दो जिलों के एसपी को निलंबित कर यह संदेश भी दिया जा चुका है कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। डीजीपी एएल बनर्जी तथा एडीजी मुुकुल गोयल ने भी पुलिस अधीक्षकों को सख्ती बरतने की नसीहत दी है लेकिन जिला पुलिस इन सबके बावजूद बेफिक्र है। मंगलवार को जिले के किसी हिस्से में न तो चौकसी बढ़ी दिखी और न ही वाहनों से काली फिल्म उतारने की कवायद ही शुरू की गई। यही नहीं तुलसीपुर और भुतहिया टांड़ में 3 मई की रात हथियारबंद बदमाशों ने जिस तरह से कहर बरपाते हुए डकैती डाली और तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया, उससे हर किसी की रूह कांप जाती है। घटना के वक्त बदमाशों ने डंडे से पीट-पीटकर सीआरपीएफ जवान की वृद्ध मां तेतरी देवी की हत्या कर दी। बाद में उसके पति कालिका को भी पीट कर अधमरा कर दिया। मोटर मैकेनिक नरेश की भी बेरहमी से पिटाई की। इन दोनों की मौत उपचार के दौरान हो गई। लेकिन पुलिस अभी तक इस मामले में मुकदमा दर्ज कर संदेह के आधार पर किसी न किसी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने तक ही सीमित है। क्राइम ब्रांच की टीम भी गाड़ी दौड़ाते हुए हवा में ही तीर चला रही है। इसको लेकर पीड़ित गुस्से में हैं ।
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लोकसभा चुनाव के बाद बढ़ते अपराधों को लेकर सरकार का रवैया सख्त हो चुका है। सरकार द्वारा दो जिलों के एसपी को निलंबित कर यह संदेश भी दिया जा चुका है कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। डीजीपी एएल बनर्जी तथा एडीजी मुुकुल गोयल ने भी पुलिस अधीक्षकों को सख्ती बरतने की नसीहत दी है लेकिन जिला पुलिस इन सबके बावजूद बेफिक्र है। मंगलवार को जिले के किसी हिस्से में न तो चौकसी बढ़ी दिखी और न ही वाहनों से काली फिल्म उतारने की कवायद ही शुरू की गई। यही नहीं तुलसीपुर और भुतहिया टांड़ में 3 मई की रात हथियारबंद बदमाशों ने जिस तरह से कहर बरपाते हुए डकैती डाली और तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया, उससे हर किसी की रूह कांप जाती है। घटना के वक्त बदमाशों ने डंडे से पीट-पीटकर सीआरपीएफ जवान की वृद्ध मां तेतरी देवी की हत्या कर दी। बाद में उसके पति कालिका को भी पीट कर अधमरा कर दिया। मोटर मैकेनिक नरेश की भी बेरहमी से पिटाई की। इन दोनों की मौत उपचार के दौरान हो गई। लेकिन पुलिस अभी तक इस मामले में मुकदमा दर्ज कर संदेह के आधार पर किसी न किसी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने तक ही सीमित है। क्राइम ब्रांच की टीम भी गाड़ी दौड़ाते हुए हवा में ही तीर चला रही है। इसको लेकर पीड़ित गुस्से में हैं ।
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