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अस्सी करोड़ का लेनदेन प्रभावित
Ghazipur
Updated Tue, 11 Feb 2014 05:43 AM IST
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गाजीपुर। वेतन बढ़ोत्तरी समेत कई अन्य मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर सोमवार से जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई। इस दौरान बैंक कर्मियों ने पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार किया। बैंकों में लेनदेन ठप रहने से जिले में करीब 80 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा। धरने के दौरान वक्ताओं ने मांगों को जायज बताते हुए इन्हें जल्द से जल्द पूरा किए जाने की मांग की। मांगे जल्द पूरी न किए जाने की स्थिति में और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। बैंक कर्मियों की हड़ताल मंगलवार को भी जारी रहेगी।
पूर्व घोषित बंद के तहत सोमवार सुबह से ही बैंक कर्मी लामबंद होने लगे। यूपी बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन के सदस्यों ने महुआबाग स्थित यूबीआई की शाखा पर प्रदर्शन किया। बैंक कर्मियों को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा ने वेतन वृद्धि समझौता जल्द किए जाने की मांग की। आफिसर एसोसिएशन के सचिव जेबी सिंह तथा उप महामंत्री गिरधर गोपाल ने भी सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध किया। इसी क्रम में बैंक आफ बड़ौदा के अशोक कुमार और इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के प्रेम सागर चतुर्वेदी ने कर्मचारी एकता पर जोर देते हुए इस लड़ाई को निर्णय तक पहुंचाने पर जोर दिया। सभा को सोमनाथ चटर्जी, गुलाब सिंह, राजीव रंजन कुमार, सीपी चौबे, मुकेश कुमार, मंत्री अशोक कुमार श्रीवास्तव, ओपी सिंह, दुर्गेश कुमार, हृदय नारायण राय, बैंक कर्मी और वरिष्ठ कवि दिनेश चंद्र शर्मा आदि ने संबोधित किया। स्टेट बैंक आफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन की ओर से मिश्रबाजार स्थित एसबीआई की कोतवाली शाखा पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इस हड़ताल में 27 बैंकों के कुल आठ लाख कर्मचारी शामिल हैं। अगर इस बार फिर सुनवाई नहीं होती है तो आगे व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर क्षेत्रीय सचिव दीनानाथ राय, अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद, सचिव वीरेन्द्रनाथ राय आदि मौजूद रहे। यूपी ग्रामीण बैंक स्टाफ एसोशिएशन की ओर से आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व वेतन समझौता 31 अक्तूबर 12 को ही समाप्त हो गया है। लगातार बढ़ रही महंगाई के बावजूद भी वेतन बढ़ोतरी का न किया जाना जाना सरकार की लापरवाही है। इस मौके पर जिला मंत्री रमेश कुमार श्रीवास्तव, योगेन्द्र सिंह चौहान, दिनेशचंद्र समेत सभी कर्मचारी मौजूद रहे।
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पूर्व घोषित बंद के तहत सोमवार सुबह से ही बैंक कर्मी लामबंद होने लगे। यूपी बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन के सदस्यों ने महुआबाग स्थित यूबीआई की शाखा पर प्रदर्शन किया। बैंक कर्मियों को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा ने वेतन वृद्धि समझौता जल्द किए जाने की मांग की। आफिसर एसोसिएशन के सचिव जेबी सिंह तथा उप महामंत्री गिरधर गोपाल ने भी सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध किया। इसी क्रम में बैंक आफ बड़ौदा के अशोक कुमार और इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के प्रेम सागर चतुर्वेदी ने कर्मचारी एकता पर जोर देते हुए इस लड़ाई को निर्णय तक पहुंचाने पर जोर दिया। सभा को सोमनाथ चटर्जी, गुलाब सिंह, राजीव रंजन कुमार, सीपी चौबे, मुकेश कुमार, मंत्री अशोक कुमार श्रीवास्तव, ओपी सिंह, दुर्गेश कुमार, हृदय नारायण राय, बैंक कर्मी और वरिष्ठ कवि दिनेश चंद्र शर्मा आदि ने संबोधित किया। स्टेट बैंक आफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन की ओर से मिश्रबाजार स्थित एसबीआई की कोतवाली शाखा पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इस हड़ताल में 27 बैंकों के कुल आठ लाख कर्मचारी शामिल हैं। अगर इस बार फिर सुनवाई नहीं होती है तो आगे व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर क्षेत्रीय सचिव दीनानाथ राय, अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद, सचिव वीरेन्द्रनाथ राय आदि मौजूद रहे। यूपी ग्रामीण बैंक स्टाफ एसोशिएशन की ओर से आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व वेतन समझौता 31 अक्तूबर 12 को ही समाप्त हो गया है। लगातार बढ़ रही महंगाई के बावजूद भी वेतन बढ़ोतरी का न किया जाना जाना सरकार की लापरवाही है। इस मौके पर जिला मंत्री रमेश कुमार श्रीवास्तव, योगेन्द्र सिंह चौहान, दिनेशचंद्र समेत सभी कर्मचारी मौजूद रहे।
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