{"_id":"59-115405","slug":"Ghazipur-115405-59","type":"story","status":"publish","title_hn":"रुचिकर ढंग से शिक्षा देने के टिप्स दिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रुचिकर ढंग से शिक्षा देने के टिप्स दिए
Ghazipur
Updated Wed, 04 Dec 2013 05:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। सीबीएसई की ओर से शिक्षा को रुचिकर बनाने के क्रम में बोर्ड से संबंद्ध विद्यालयों में इन दिनों प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत मंगलवार को शहर के शाहफैज पब्लिक स्कूल में विद्यालय के अध्यापकों को स्पीकिंग एवं लिस्निंग स्किल पर प्रशिक्षण दिया गया। दिल्ली से आई ट्रेनरों ने स्कूल के अध्यापकों को रुचिकर ढंग से शिक्षा देने के टिप्स दिए।
दिल्ली से आई ट्रेनर स्वाति शर्मा ने कहा कि बच्चों के बोलने और सुनने की प्रतिभा का विकास करें। परंपरागत तरीके से पढ़ाने के तौर-तरीकों में बदलाव की जरूरत है ताकि शिक्षा को रुचिकर बनाया जा सके। पठन-पाठन प्रक्रिया में बच्चों का इन्वाल्वमेंट जरूरी है। इसके लिए अध्यापक को पढ़ाने के दौरान यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चा जो पढ़ रहा है, वह उसे समझ में आए। इस दौरान विद्यालय के 15 अध्यापक उपस्थित थे। प्रशिक्षण लेने वालों में समीर अदहमी, तस्नीम कौशर, इकरामुल हक, आभा सिन्हा, रत्नेश शुक्ल, प्रीति उपाध्याय, चंदना श्रीवास्तव, जेपी गुप्त तथा महबूब आलम आदि उपस्थित थे। इसके अलावा एक अन्य ट्रेनर सीता ने भी अध्यापकों को स्पीकिंग एवं लिस्निंग स्किल बताए।
विज्ञापन
दिल्ली से आई ट्रेनर स्वाति शर्मा ने कहा कि बच्चों के बोलने और सुनने की प्रतिभा का विकास करें। परंपरागत तरीके से पढ़ाने के तौर-तरीकों में बदलाव की जरूरत है ताकि शिक्षा को रुचिकर बनाया जा सके। पठन-पाठन प्रक्रिया में बच्चों का इन्वाल्वमेंट जरूरी है। इसके लिए अध्यापक को पढ़ाने के दौरान यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चा जो पढ़ रहा है, वह उसे समझ में आए। इस दौरान विद्यालय के 15 अध्यापक उपस्थित थे। प्रशिक्षण लेने वालों में समीर अदहमी, तस्नीम कौशर, इकरामुल हक, आभा सिन्हा, रत्नेश शुक्ल, प्रीति उपाध्याय, चंदना श्रीवास्तव, जेपी गुप्त तथा महबूब आलम आदि उपस्थित थे। इसके अलावा एक अन्य ट्रेनर सीता ने भी अध्यापकों को स्पीकिंग एवं लिस्निंग स्किल बताए।
विज्ञापन