{"_id":"59-115299","slug":"Ghazipur-115299-59","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवेकानंद के आदर्शों को करें आत्मसात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवेकानंद के आदर्शों को करें आत्मसात
Ghazipur
Updated Tue, 03 Dec 2013 05:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिलदारनगर। स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह का आयोजन क्षेत्र के आदर्श इंटर कालेज में सोमवार को किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता संस्थान के विभागाध्यक्ष डा. ओम प्रकाश सिंह ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। साथ ही उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जब भारत वर्ष दासिता की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, विश्वपटल पर भारतीय संस्कृति मरणासन्न अवस्था में थी, तब 12 जनवरी 1863 ईस्वी को स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ। 1893 में शिकागों में हुए विश्व धर्म संसद में उन्होंने भारतीय संस्कृति का परचम लहराया। उस महापुरूष के जन्मदिवस को भारतीय राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते है। आज उसी महापुरुष के जन्म के 150 साल पूरा होने के परिपेक्ष्य में सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। उपस्थित युवाओं को उनके बताए रास्ते पर चल कर देश तथा समाज के विकास का काम करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि डा. व्यास मुनि राय ने विवेकानंद के व्यक्त्वि एव कृतित्व की चर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से हुआष इसके बाद बच्चों ने एकांकी प्रस्तुत की। इस मौके पर कैलाशनाथ सिंह, कुंअर नसीम रजा खां, अमरीश, अमजद खां, राजेश सिंह, डा. अविनाश नारायण, अरविंद चतुर्वेदी, आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता डा. माधव मुकुंद तथा संचालन मानवेंद्र सिंह मानव ने किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जब भारत वर्ष दासिता की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, विश्वपटल पर भारतीय संस्कृति मरणासन्न अवस्था में थी, तब 12 जनवरी 1863 ईस्वी को स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ। 1893 में शिकागों में हुए विश्व धर्म संसद में उन्होंने भारतीय संस्कृति का परचम लहराया। उस महापुरूष के जन्मदिवस को भारतीय राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते है। आज उसी महापुरुष के जन्म के 150 साल पूरा होने के परिपेक्ष्य में सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। उपस्थित युवाओं को उनके बताए रास्ते पर चल कर देश तथा समाज के विकास का काम करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि डा. व्यास मुनि राय ने विवेकानंद के व्यक्त्वि एव कृतित्व की चर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से हुआष इसके बाद बच्चों ने एकांकी प्रस्तुत की। इस मौके पर कैलाशनाथ सिंह, कुंअर नसीम रजा खां, अमरीश, अमजद खां, राजेश सिंह, डा. अविनाश नारायण, अरविंद चतुर्वेदी, आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता डा. माधव मुकुंद तथा संचालन मानवेंद्र सिंह मानव ने किया।
विज्ञापन