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हर क्षेत्र में हर वर्ग के विकास का प्रयास
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गाजीपुर। प्रदेश की योगी सरकार की ओर से पेश किए गए बजट को कुछ लोगों ने लोक लुभावन बताया है तो कुछ ने इसे जुमला करार दिया है। इस बजट में किसानों, उद्यमियों, महिलाओं, किशोरी, बालिकाओं के लिए पर्याप्त धन का प्राविधान किया गया है जिससे इस वर्ग के लोगों में प्रसन्नता है।
नगर निवासी सचिदानंद सिंह ने प्रदेश सरकार के बजट का स्वागत करते हुए कहा कि प्रस्तावित बजट ने सबका साथ सबका विकास का नारा साकार कर दिया है। बजट में डेयरी उद्योग से लगायत मृत प्राय उद्योगों, किसानों को तरह-तरह की सुविधाओं के साथ ही यूरिया के दाम घटाने जैसे साहसिक निर्णय लिए हैं। अविनाश चन्द्र बरनवाल ने बजट में खेती के संसाधन जुटाने के साथ पर्यटन के क्षेत्र में काशी, मथुरा, प्रयाग एवं झांसी में मेट्रो रेल परियोजना के लिए 150 करोड़ का प्राविधान बना कर पर्यटन के क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है। पूर्व प्रधानाचार्या माधुरी पांडेय ने कहा कि प्रदेश में पहली बार किसी सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि पर ध्यान केन्द्रित करते हुए यातायात से लगायत हर क्षेत्र में हर वर्ग के लिए फोकस किया है। संस्कृत विद्यालय के शिक्षक अजय सिंह ने कहा कि पहली बार योगी सरकार ने देश की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत को प्रोत्साहन देने का काम किया है। इस क्रम में उन्होंने संस्कृत विद्यालयों को पर्याप्त अनुदान दिये जाने के साथ संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास के लिए भी 21 करोड़ का प्राविधान बनाया है जो पूरी तरह स्वागत योग्य है। शालिनी चौरसिया एवं मनोरमा ने कहा कि बजट में शबरी संकल्प योजना के लिए 250 करोड़ का प्रावधान करना सराहनीय है। गृहिणी रमावती देवी ने इस बजट को चुनाव के समय का प्रलोभन बताया है। कहा कि इस सरकार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है।
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नगर निवासी सचिदानंद सिंह ने प्रदेश सरकार के बजट का स्वागत करते हुए कहा कि प्रस्तावित बजट ने सबका साथ सबका विकास का नारा साकार कर दिया है। बजट में डेयरी उद्योग से लगायत मृत प्राय उद्योगों, किसानों को तरह-तरह की सुविधाओं के साथ ही यूरिया के दाम घटाने जैसे साहसिक निर्णय लिए हैं। अविनाश चन्द्र बरनवाल ने बजट में खेती के संसाधन जुटाने के साथ पर्यटन के क्षेत्र में काशी, मथुरा, प्रयाग एवं झांसी में मेट्रो रेल परियोजना के लिए 150 करोड़ का प्राविधान बना कर पर्यटन के क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है। पूर्व प्रधानाचार्या माधुरी पांडेय ने कहा कि प्रदेश में पहली बार किसी सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि पर ध्यान केन्द्रित करते हुए यातायात से लगायत हर क्षेत्र में हर वर्ग के लिए फोकस किया है। संस्कृत विद्यालय के शिक्षक अजय सिंह ने कहा कि पहली बार योगी सरकार ने देश की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत को प्रोत्साहन देने का काम किया है। इस क्रम में उन्होंने संस्कृत विद्यालयों को पर्याप्त अनुदान दिये जाने के साथ संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास के लिए भी 21 करोड़ का प्राविधान बनाया है जो पूरी तरह स्वागत योग्य है। शालिनी चौरसिया एवं मनोरमा ने कहा कि बजट में शबरी संकल्प योजना के लिए 250 करोड़ का प्रावधान करना सराहनीय है। गृहिणी रमावती देवी ने इस बजट को चुनाव के समय का प्रलोभन बताया है। कहा कि इस सरकार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है।
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