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चिकित्सा कराने में असमर्थ व्यक्तियों का शिविर लगाकर किया इलाज
Updated Mon, 24 Sep 2018 11:17 PM IST
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गाजीपुर। संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने सोमवार को प्राथमिक विद्यालय चक अब्दुल वहाब में सेवा सप्ताह स्वास्थ्य शिविर का फीता काट कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिविर में हड्डी परामर्श, गुर्दा रोग, टीबी, दंत, नेत्र रोग, सर्जरी, ब्लड प्रेशर, शुगर, ईसीजी का निशुल्क इलाज हेरिटेज अस्पताल वाराणसी से आए चिकित्सकों की ओर से किया जाएगा। ऐसे व्यक्ति जो चिकित्सा कराने में असमर्थ हैं वैसे स्थानों को चिन्हित कर शिविर लगा कर लोगों का इलाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पूरे विश्व ने तय किया कि वर्ष 2030 तक संसार को टीबी मुक्त बनाएंगे लेकिन भारत सरकार की ओर से वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री की ओर से लिया गया है। सामान्य तौर पर हमारे यहां अभी चिकित्सकों की कमी है। इसी कारण हर तीन लोकसभा क्षेत्र में एक नया मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। इसी क्रम में गाजीपुर जिले में एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण वर्ष 2019 तक पूर्ण कराते हुए 2020 तक चिकित्सा सुविधा प्रारंभ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले दिन प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने रांची से आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया। पांच लाख रुपये तक के इलाज का प्रबंध इस योजना में किया गया है। देश भर के 50 करोड़ लोगों यानि 10 करोड़ 57 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। गाजीपुर में एक लाख 46 हजार परिवार यानि लगभग सात लाख लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा। बताया कि देश भर में डेढ़ लाख वेलनेस सेंटर बनाए जा रहे हैं जिसमें दस सेंटर गाजीपुर जिले में तीन माह में बन कर तैयार हो जाएंगे जहां प्राथमिक चिकित्सा के साथ-साथ योग एवं आयुर्वेद का प्रबंध होगा। द्वितीय एवं तृतीय चरण की चिकित्सा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत की जाएगी जिसमें निजी एवं सरकारी क्षेत्र के चिकित्सालय शामिल होंगे। यह केवल चिकित्सा मात्र का इंतजाम नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने का एक बड़ा माध्यम भी है जिसमें कई लोगों को रोजगार के भी अवसर मिलेंगे। राज्यमंत्री श्री सिन्हा ने बीएचयू के पूर्व निदेशक चिकित्सक डा. राना गोपाल सिंह एवं हेरिटेज वाराणसी से विभिन्न रोगों के इलाज के लिए शिविर में उपस्थित चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर शिवशरणप्पा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्य, बीएसए श्रवण कुमार, राकेश कुमार, भानूप्रताप सिंह, सुनील सिंह, सिद्धार्थ राय आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि पूरे विश्व ने तय किया कि वर्ष 2030 तक संसार को टीबी मुक्त बनाएंगे लेकिन भारत सरकार की ओर से वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री की ओर से लिया गया है। सामान्य तौर पर हमारे यहां अभी चिकित्सकों की कमी है। इसी कारण हर तीन लोकसभा क्षेत्र में एक नया मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। इसी क्रम में गाजीपुर जिले में एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण वर्ष 2019 तक पूर्ण कराते हुए 2020 तक चिकित्सा सुविधा प्रारंभ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले दिन प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने रांची से आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया। पांच लाख रुपये तक के इलाज का प्रबंध इस योजना में किया गया है। देश भर के 50 करोड़ लोगों यानि 10 करोड़ 57 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। गाजीपुर में एक लाख 46 हजार परिवार यानि लगभग सात लाख लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा। बताया कि देश भर में डेढ़ लाख वेलनेस सेंटर बनाए जा रहे हैं जिसमें दस सेंटर गाजीपुर जिले में तीन माह में बन कर तैयार हो जाएंगे जहां प्राथमिक चिकित्सा के साथ-साथ योग एवं आयुर्वेद का प्रबंध होगा। द्वितीय एवं तृतीय चरण की चिकित्सा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत की जाएगी जिसमें निजी एवं सरकारी क्षेत्र के चिकित्सालय शामिल होंगे। यह केवल चिकित्सा मात्र का इंतजाम नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने का एक बड़ा माध्यम भी है जिसमें कई लोगों को रोजगार के भी अवसर मिलेंगे। राज्यमंत्री श्री सिन्हा ने बीएचयू के पूर्व निदेशक चिकित्सक डा. राना गोपाल सिंह एवं हेरिटेज वाराणसी से विभिन्न रोगों के इलाज के लिए शिविर में उपस्थित चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर शिवशरणप्पा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्य, बीएसए श्रवण कुमार, राकेश कुमार, भानूप्रताप सिंह, सुनील सिंह, सिद्धार्थ राय आदि उपस्थित थे।
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