{"_id":"57279d254f1c1bf8325cd12c","slug":"68-huts-to-ashes-by-fire","type":"story","status":"publish","title_hn":"आग से 68 झोपड़ियां राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आग से 68 झोपड़ियां राख
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Tue, 03 May 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
आग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमानिया कोतवाली क्षेत्र के सब्बलपुर कला गांव स्थित रामलीला मैदान के पास बस्ती में सोमवार की सुबह साढ़े दस बजे अचानक आग लगने से 68 रिहायसी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। मौके पर दमकलकर्मियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग बुझाई। लेखपाल ने मौका मुआयना कर तहसील प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी है।
सब्बलपुर कला गांव में सोमवार सुबह करीब साढे़ दस बजे अज्ञात कारणों से मनोज यादव की रिहायसी झोपड़ी में आग लग गई। आग तेजी से बस्ती में फैलने लगी और एक के बाद एक 23 लोगों की 68 रिहायसी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। घटना में लालबहादुर की एक रिहायसी झोपड़ी, विरेन्द्र सिंह यादव, शैलेन्द्र सिंह यादव, उषा देवी की एक-एक रिहायसी झोपड़ी, सनिचरी की चार झोपड़ियां, भीम यादव की दो झोपड़ियां जलकर नष्ट हो गईं।
इसी प्रकार बेचन यादव की दो झोपड़ियां, एक लैपटाप, गहनें, मीरा देवी की तीन झोपड़ियां, 5000 नगद, पाखंडी यादव की तीन झोपड़ियां 5 हजार नकद, कौशल्या देवी की 4 झोपड़ियां, 10 हजार नकद, गोविन्द की एक झोपड़ी, मंजीत की एक झोपड़ी, दुर्गावती देवी की चार झोपड़ियां, 10 हजार नगद, शीला बिंद की 4 झोपड़ियां, पांच हजार रुपये, एक मोबाइल, ओम प्रकाश की दो झोपड़ियां, एक सिलाई मशीन, रीता देवी की दो झोपड़ियां, 20 हजार नगद, लल्लन पासवान की 4 झोपड़ी 2 हजार नगद, एक मोबाइल, चांद मुनी की चार झोपड़ी व दो बकरी, रामफुल की चार झोपड़ियां, कान्ती देवी की पांच झोपड़ियां जलकर नष्ट हो गईं।
विज्ञापन
बब्बन पासवान की पांच झोपड़ियां, छन्नू पासवान की पांच झोपड़ियां जल गईं। घंटों मशक्कत के बाद करीब 12 बजे आग बुझाई जा सकी। मौके का निरीक्षण हल्का लेखपाल रघुबर राम ने किया। इस अवसर पर मन्नू सिंह पहुंचे और तत्काल राहत के रूप में दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता पीड़ितों को दी।
विज्ञापन
सब्बलपुर कला गांव में सोमवार सुबह करीब साढे़ दस बजे अज्ञात कारणों से मनोज यादव की रिहायसी झोपड़ी में आग लग गई। आग तेजी से बस्ती में फैलने लगी और एक के बाद एक 23 लोगों की 68 रिहायसी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। घटना में लालबहादुर की एक रिहायसी झोपड़ी, विरेन्द्र सिंह यादव, शैलेन्द्र सिंह यादव, उषा देवी की एक-एक रिहायसी झोपड़ी, सनिचरी की चार झोपड़ियां, भीम यादव की दो झोपड़ियां जलकर नष्ट हो गईं।
विज्ञापन
इसी प्रकार बेचन यादव की दो झोपड़ियां, एक लैपटाप, गहनें, मीरा देवी की तीन झोपड़ियां, 5000 नगद, पाखंडी यादव की तीन झोपड़ियां 5 हजार नकद, कौशल्या देवी की 4 झोपड़ियां, 10 हजार नकद, गोविन्द की एक झोपड़ी, मंजीत की एक झोपड़ी, दुर्गावती देवी की चार झोपड़ियां, 10 हजार नगद, शीला बिंद की 4 झोपड़ियां, पांच हजार रुपये, एक मोबाइल, ओम प्रकाश की दो झोपड़ियां, एक सिलाई मशीन, रीता देवी की दो झोपड़ियां, 20 हजार नगद, लल्लन पासवान की 4 झोपड़ी 2 हजार नगद, एक मोबाइल, चांद मुनी की चार झोपड़ी व दो बकरी, रामफुल की चार झोपड़ियां, कान्ती देवी की पांच झोपड़ियां जलकर नष्ट हो गईं।
विज्ञापन
बब्बन पासवान की पांच झोपड़ियां, छन्नू पासवान की पांच झोपड़ियां जल गईं। घंटों मशक्कत के बाद करीब 12 बजे आग बुझाई जा सकी। मौके का निरीक्षण हल्का लेखपाल रघुबर राम ने किया। इस अवसर पर मन्नू सिंह पहुंचे और तत्काल राहत के रूप में दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता पीड़ितों को दी।