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परसा में कड़ी सुरक्षा के बीच 62 फीसदी मतदान
ब्यूरो अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Fri, 11 Dec 2015 11:56 PM IST
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स्थानीय विकास खंड के परसा गांव में शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पुनर्मतदान हुआ। इस दौरान कुल 62 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। ग्राम प्रधान एवं सदस्य पद के लिए बूथ संख्या 154 में वोट डाले गए।
परसा गांव में सुबह सात बजे से पुनर्मतदान शुरू होकर शाम 4.30 बजे चला। इस दौरान कुल 593 मतदाताओं में से 372 ने मत डाला। एक महिला वोट डालने गई तो उसका वोट पहले ही पड़ गया था। इसके चलते उसने अपना टेंडर
वोट डाला। सुबह सात बजे ही मतदाताओं की लम्बी कतार लग गई थी। 11 बजे तक लगभग 50 प्रतिशत मतदाताओं ने मत डाल दिया था। इसके बाद बूथ खाली हो गया और इक्के दुक्के मतदाता ही मत डालने पहुंचे। सेक्टर मजिस्ट्रेट
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के अलावा उपजिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा, क्षेत्राधिकारी मनमोहन पांडेय एवं कोतवाल दिलीप सिंह मतदान केन्द्र पर रहकर सकुशल मतदान सम्पन्न कराया।
मालूम हो कि परसा गॉव के बूथ संख्या 154 में ग्राम प्रधान पद के लिए 14 प्रत्याशियों की जगह बैलेट पेपर पर 13 प्रत्याशी का ही चुनाव चिन्ह अंकित थे। प्रत्याशी हेमलता ने मतपत्र पर अपना चुनाव चिह्न न पाकर इसकी शिकायत
की थी। प्रत्याशी के समर्थक ने 4 घंटे मतदान के बाद दिन में 11 बजे आपत्ति जताई। इसके चलते 11.30 बजे से 2.30 बजे तक मतदान बंद रहा। जिला मजिस्ट्रेट ने बैलेट पेपर में गड़बड़ी के चलते बूथ संख्या 154 का मतदान
निरस्त करके पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया।
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परसा गांव में सुबह सात बजे से पुनर्मतदान शुरू होकर शाम 4.30 बजे चला। इस दौरान कुल 593 मतदाताओं में से 372 ने मत डाला। एक महिला वोट डालने गई तो उसका वोट पहले ही पड़ गया था। इसके चलते उसने अपना टेंडर
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वोट डाला। सुबह सात बजे ही मतदाताओं की लम्बी कतार लग गई थी। 11 बजे तक लगभग 50 प्रतिशत मतदाताओं ने मत डाल दिया था। इसके बाद बूथ खाली हो गया और इक्के दुक्के मतदाता ही मत डालने पहुंचे। सेक्टर मजिस्ट्रेट
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के अलावा उपजिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा, क्षेत्राधिकारी मनमोहन पांडेय एवं कोतवाल दिलीप सिंह मतदान केन्द्र पर रहकर सकुशल मतदान सम्पन्न कराया।
मालूम हो कि परसा गॉव के बूथ संख्या 154 में ग्राम प्रधान पद के लिए 14 प्रत्याशियों की जगह बैलेट पेपर पर 13 प्रत्याशी का ही चुनाव चिन्ह अंकित थे। प्रत्याशी हेमलता ने मतपत्र पर अपना चुनाव चिह्न न पाकर इसकी शिकायत
की थी। प्रत्याशी के समर्थक ने 4 घंटे मतदान के बाद दिन में 11 बजे आपत्ति जताई। इसके चलते 11.30 बजे से 2.30 बजे तक मतदान बंद रहा। जिला मजिस्ट्रेट ने बैलेट पेपर में गड़बड़ी के चलते बूथ संख्या 154 का मतदान
निरस्त करके पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया।