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लाखों की लागत से बने पशु सेवा केंद्र की हालत खराब
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दुबिहा(गाजीपुर)। बाराचवर विकासखंड के दुबिहा गांव में पशुओं को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करीब तीन दशक पहले लाखों की लागत से बने पशु सेवा केंद्र की हालत खराब हो गई है। यहां पर कई वर्षों से कोई चिकित्सक नहीं है। इसके चलते पशुपालकों को मामूली उपचार की सुविधा के लिए भी भटकना पड़ता है।
विभागीय उदासीनता के चलते धीरे-धीरे यह पशु सेवा केंद्र बदहाल होता गया। इस जर्जर भवन की दीवार टूट चुकी है। खिड़की और दरवाजे सब बेकार हो गए। बारिश होने पर पूरे परिसर में पानी जमा हो जाने से तालाब जैसा नजर आता है। यही नहीं इस परिसर पर लोगों का अतिक्रमण भी हो रहा है। दुबिहा गांव निवासी जितेंद्र राय का कहना है कि यहां पर तैनात चिकित्सक के तीन वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो जाने के बाद इसकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है। पूरा भवन जर्जर हो चुका है। असावर निवासी कृष्णानंद राय ने कहा कि इसकी सूचना कई बार उच्चाघिकारी को दी गई लेकिन किसी स्तर से ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि इस खराब हो चुके भवन को गिरा दिया जाए। यह कभी भी धराशायी हो सकता है। इस संबंध में करीमुद्दीनपुर के पशु चिकित्सक डॉ. संतोष गिरी ने बताया की इस पशु सेवा केंद्र को निष्प्रयोज्य घोषित करने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र भेज दिया गया था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके लिए पुन: पत्र भेजा जाएगा। केंद्र पर किसी चिकित्सक की भी तैनाती की जाएगी।
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विभागीय उदासीनता के चलते धीरे-धीरे यह पशु सेवा केंद्र बदहाल होता गया। इस जर्जर भवन की दीवार टूट चुकी है। खिड़की और दरवाजे सब बेकार हो गए। बारिश होने पर पूरे परिसर में पानी जमा हो जाने से तालाब जैसा नजर आता है। यही नहीं इस परिसर पर लोगों का अतिक्रमण भी हो रहा है। दुबिहा गांव निवासी जितेंद्र राय का कहना है कि यहां पर तैनात चिकित्सक के तीन वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो जाने के बाद इसकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है। पूरा भवन जर्जर हो चुका है। असावर निवासी कृष्णानंद राय ने कहा कि इसकी सूचना कई बार उच्चाघिकारी को दी गई लेकिन किसी स्तर से ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि इस खराब हो चुके भवन को गिरा दिया जाए। यह कभी भी धराशायी हो सकता है। इस संबंध में करीमुद्दीनपुर के पशु चिकित्सक डॉ. संतोष गिरी ने बताया की इस पशु सेवा केंद्र को निष्प्रयोज्य घोषित करने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र भेज दिया गया था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके लिए पुन: पत्र भेजा जाएगा। केंद्र पर किसी चिकित्सक की भी तैनाती की जाएगी।
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