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जाम में फंसी गर्भवती महिला ने रास्ते में जना नवजात शिशु
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:35 PM IST
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सुहवल। मंगलवार को भीषण जाम के दौरान गर्भवती महिला को जिला मुख्यालय स्थित महिला अस्पताल लेकर जा रही एक एंबुलेंस भी फंसी हुई थी। उसमें दो गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से परेशान थी। जाम के दौरान एक महिला ने अंतत: बीच रास्ते में ही शिशु को जन्म दिया। जबकि दूसरी गर्भवती महिला को निर्माणाधीन रेल कम रोड ब्रिज में लगे कर्मचारियों ने नाव से किसी तरह गंगा पार कराया।
गाजीपुर-जमानिया-सैय्यदराजा राष्ट्रीय राजमार्ग -24/97, ताड़ीघाट-बारा राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही अन्य मार्गों पर मंगलवार को सुबह से ही जाम लगा हुआ था। जिसमें सैकड़ों वाहनों के साथ कालूपुर चट्टी के पास एक 102 नंबर की एंबुलेंस भी फंसी थी। उसमें दो गर्भवती महिलाएं भी सवार थी, जिन्हें जिला अस्पताल आना था। एक महिला को अधिक दर्द उठने पर साथ मौजूद परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने दूसरे साधन से महिला को अस्पताल लाने के लिए एंबुलेंस से उतर गए। अभी साधन की तलाश कर रही थे कि महिला का दर्द और भी बढ़ गया। इसी दौरान उसने सड़क किनारे बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा की हालत ठीक होने पर परिवार के लोग उसे लेकर घर लौट गए। वहीं एंबुलेंस में सवार दूसरी गर्भवती महिला को रेल कम रोड ब्रिज निर्माण कार्य में लगे कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने अपनी नाव से गंगा पार कराया। महिला द्वारा सड़क के किनारे बच्चे को जन्म देने की लोग चर्चा करते हुए कार्यदायी संस्था के उन कर्मचारियों की सराहना करते नजर आए, जिन्होंने अपनी नाव से गर्भवती को गंगा पार कराया।
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गाजीपुर-जमानिया-सैय्यदराजा राष्ट्रीय राजमार्ग -24/97, ताड़ीघाट-बारा राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही अन्य मार्गों पर मंगलवार को सुबह से ही जाम लगा हुआ था। जिसमें सैकड़ों वाहनों के साथ कालूपुर चट्टी के पास एक 102 नंबर की एंबुलेंस भी फंसी थी। उसमें दो गर्भवती महिलाएं भी सवार थी, जिन्हें जिला अस्पताल आना था। एक महिला को अधिक दर्द उठने पर साथ मौजूद परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने दूसरे साधन से महिला को अस्पताल लाने के लिए एंबुलेंस से उतर गए। अभी साधन की तलाश कर रही थे कि महिला का दर्द और भी बढ़ गया। इसी दौरान उसने सड़क किनारे बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा की हालत ठीक होने पर परिवार के लोग उसे लेकर घर लौट गए। वहीं एंबुलेंस में सवार दूसरी गर्भवती महिला को रेल कम रोड ब्रिज निर्माण कार्य में लगे कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने अपनी नाव से गंगा पार कराया। महिला द्वारा सड़क के किनारे बच्चे को जन्म देने की लोग चर्चा करते हुए कार्यदायी संस्था के उन कर्मचारियों की सराहना करते नजर आए, जिन्होंने अपनी नाव से गर्भवती को गंगा पार कराया।
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