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डेंगू बुखार से मां और बेटे की मौत
Updated Sun, 18 Nov 2018 11:35 PM IST
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खानपुर (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के अमेहता गांव निवासी मां-बेटे डेंगू बुखार से पीड़ित थे। उपचार के दौरान पहले मां और बाद में बेटे की मौत हो गई। तीन दिनों में घर में दो मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
मालूम हो कि अमेहता गांव निवासी अच्छेलाल की पत्नी चंद्रकला (40) को अचानक बीते मंगलवार को तेज बुखार हो गया। परिवार के लोग आनन-फानन में उसे लेकर सैदपुर स्थित प्राइवेट अस्पताल में ले गए। यहां पर चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि उसे डेंगू बुखार है। इस पर परिजनों ने वाराणसी स्थित एक निजी नर्सिंग होम में उसे भर्ती कराया। उपचार के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया। इसी बीच गुरुवार को मृतका चंद्रकला का पुत्र किशन विश्वकर्मा (16) भी अचानक तेज बुखार से पीड़ित हो गया। परिवार के सदस्यों ने इलाज के लिए बीएचयू में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे सुंदरपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में ले गए जहां उपचार के दौरान शनिवार की रात उसकी भी मौत हो गई। पहले मां और बाद में बेटे की मौत से परिवार पर दुखों पर पहाड़ टूट पड़ा। पिता अच्छेलाल के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। नाते-रिश्तेदारों सहित पास-पड़ोस के लोग परिवार के लोगों को सांत्वना देने में जुटे रहे। अच्छेलाल के बड़े भाई अशोक विश्वकर्मा ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा चंद्रकला और किशन को डेंगू बुखार बताया गया था। हम लोगों ने दोनों के उपचार के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी, लेकिन शायद ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। उसने बताया कि किशन की बड़ी बहन दीप्ति विश्वकर्मा और पिता अक्षयलाल को भी15 दिन से बुखार आने-जाने का क्रम बना हुआ है।
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मालूम हो कि अमेहता गांव निवासी अच्छेलाल की पत्नी चंद्रकला (40) को अचानक बीते मंगलवार को तेज बुखार हो गया। परिवार के लोग आनन-फानन में उसे लेकर सैदपुर स्थित प्राइवेट अस्पताल में ले गए। यहां पर चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि उसे डेंगू बुखार है। इस पर परिजनों ने वाराणसी स्थित एक निजी नर्सिंग होम में उसे भर्ती कराया। उपचार के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया। इसी बीच गुरुवार को मृतका चंद्रकला का पुत्र किशन विश्वकर्मा (16) भी अचानक तेज बुखार से पीड़ित हो गया। परिवार के सदस्यों ने इलाज के लिए बीएचयू में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे सुंदरपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में ले गए जहां उपचार के दौरान शनिवार की रात उसकी भी मौत हो गई। पहले मां और बाद में बेटे की मौत से परिवार पर दुखों पर पहाड़ टूट पड़ा। पिता अच्छेलाल के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। नाते-रिश्तेदारों सहित पास-पड़ोस के लोग परिवार के लोगों को सांत्वना देने में जुटे रहे। अच्छेलाल के बड़े भाई अशोक विश्वकर्मा ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा चंद्रकला और किशन को डेंगू बुखार बताया गया था। हम लोगों ने दोनों के उपचार के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी, लेकिन शायद ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। उसने बताया कि किशन की बड़ी बहन दीप्ति विश्वकर्मा और पिता अक्षयलाल को भी15 दिन से बुखार आने-जाने का क्रम बना हुआ है।
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