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तार पर गिरा पेड़, 14 घंटा गुल रही बती
Updated Fri, 29 Dec 2017 11:01 PM IST
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नंदगंज (गाजीपुर)। पियरी गांव में गुरुवार की देर रात 33 हजार लाइन के तार पर बबूल का पेड़ गिर गया। इससे नंदगंज बाजार सहित दर्जनों गांव की बत्ती गुल रही। ठंड का मौसम होने से रात में लोगों को बिजली की बहुत दरकार नहीं पड़ी, लेकिन सुबह जलापूर्ति बाधित होने से पानी के लिए पसीना बहाना पड़ा। बिजली पर आधारित कारोबार भी ठप रहे और कारोबारी परेशानी दिखे। किसी तरह 14 घंटे बाद बिजली का दर्शन हुुुआ, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
बीती रात करीब 12 बजे पियरी गांव में बबूल का पेड़ 33 हजार लाइन पर गिर गया। इससे नंदगंज बाजार सहित बरहपुर, सौरम, श्रीगंज, धरवा, सहेड़ी, सम्मनपुर, सिहोरी, बंतरा, हकीमपुर, देवसिहा, दवोपुर सहित दर्जनों गांव अंधेरे में डूब गए। लोगों ने सोचा कि शायद कही हल्का-फुल्का फाल्ट हुआ और अब-तब आपूर्ति शुरू हो जाएगी। लेकिन सुबह का सूरज निकलने के बाद भी बिजली का दर्शन नहीं हुआ। जगने के बाग पानी को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ गई। घरों के आसपास मौजूद हैंडपंपों और कुओं से किसी तरह लोगों ने थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर काम चलाया। बिजली के अभाव में इस पर आधारित दूकानदारों का कारोबार प्रभावित हो गया। वह हाथ पर हाथ धरे बैठे बिजली का इंतजार करते रहे। दूसरे दिन शुक्रवार की शाम चार बजे 14 घंटा बाद बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सास ली। इस संबंध में एसडीओ रत्नेश जायसवाल ने बताया कि पियरी गांव में 33 हजार लाइन पर पेड़ गिरने से तार टूट गया। इससे सप्लाई बंद थे। तार को दुरुस्त कराकर शाम चार बजे सभी फीडरों की सप्लाई सुचारु करा दी गई।
बंद रहेगी बिजली आपूर्ति
दुल्लहपुर। दुल्लहपुर विद्युत उपकेंद्र की क्षमतावृद्धि करते हुए पांच के जगह दस एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसकी वजह से 30 दिसंबर की सुबह आठ से 31 दिसंबर की सुबह आठ बजे तक विद्युत उपकेंद्र से संबंधित फीडरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। यह जानकारी जेई वीरबहादुर लाल ने दी। उन्होंनेे बताया कि इमरजेंसी आदेश आने पर कटौती का समय आगे-पीछे भी हो सकता है। समय से पहले कार्य पूरा होने पर निर्धारित समय से पहले और कार्य पूरा न होने पर निर्धारित समय से अधिक समय की भी कटौती हो सकती है।
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बीती रात करीब 12 बजे पियरी गांव में बबूल का पेड़ 33 हजार लाइन पर गिर गया। इससे नंदगंज बाजार सहित बरहपुर, सौरम, श्रीगंज, धरवा, सहेड़ी, सम्मनपुर, सिहोरी, बंतरा, हकीमपुर, देवसिहा, दवोपुर सहित दर्जनों गांव अंधेरे में डूब गए। लोगों ने सोचा कि शायद कही हल्का-फुल्का फाल्ट हुआ और अब-तब आपूर्ति शुरू हो जाएगी। लेकिन सुबह का सूरज निकलने के बाद भी बिजली का दर्शन नहीं हुआ। जगने के बाग पानी को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ गई। घरों के आसपास मौजूद हैंडपंपों और कुओं से किसी तरह लोगों ने थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर काम चलाया। बिजली के अभाव में इस पर आधारित दूकानदारों का कारोबार प्रभावित हो गया। वह हाथ पर हाथ धरे बैठे बिजली का इंतजार करते रहे। दूसरे दिन शुक्रवार की शाम चार बजे 14 घंटा बाद बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सास ली। इस संबंध में एसडीओ रत्नेश जायसवाल ने बताया कि पियरी गांव में 33 हजार लाइन पर पेड़ गिरने से तार टूट गया। इससे सप्लाई बंद थे। तार को दुरुस्त कराकर शाम चार बजे सभी फीडरों की सप्लाई सुचारु करा दी गई।
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बंद रहेगी बिजली आपूर्ति
दुल्लहपुर। दुल्लहपुर विद्युत उपकेंद्र की क्षमतावृद्धि करते हुए पांच के जगह दस एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसकी वजह से 30 दिसंबर की सुबह आठ से 31 दिसंबर की सुबह आठ बजे तक विद्युत उपकेंद्र से संबंधित फीडरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। यह जानकारी जेई वीरबहादुर लाल ने दी। उन्होंनेे बताया कि इमरजेंसी आदेश आने पर कटौती का समय आगे-पीछे भी हो सकता है। समय से पहले कार्य पूरा होने पर निर्धारित समय से पहले और कार्य पूरा न होने पर निर्धारित समय से अधिक समय की भी कटौती हो सकती है।
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