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आबादी के अनुसार मिलनी चाहिए हिस्सेदारी

Mon, 25 Dec 2017 12:34 AM IST
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:34 AM IST
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आबादी के अनुसार मिलनी चाहिए हिस्सेदारी
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग एसोसिएशन का जिला सम्मेलन गोराबाजार स्थित एक विद्यालय परिसर में रविवार को आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. जी सिंह कश्यप ने कहा कि संविधान लागू होने से लेकर आज तक पिछड़ा वर्ग शोषण का शिकार हो रहा है। 85 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग को शासन-प्रशासन, सेना आदि में उनकी आबादी के अनुसार हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। आरक्षण में लगा 50 प्रतिशत का अवरोध हटाया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण में लगा क्रीमीलेयर समाप्त किया जाना चाहिए। अनुसूचित जातियों की पदोन्नति में आरक्षण तत्काल बहाल होना चाहिए। हरिनारायण यादव ने कहा कि डा. अंबेडकर ने सामाजिक आंदोलन से संघर्ष करते हुए पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व का मार्ग प्रशस्त किया था। राजनीतिक सत्ता सामाजिक क्रांति के लिए अधूरी और अर्थहीन होती है। डा. संतन राम ने कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल का महत्व होता है। पिछड़ा वर्ग को संघर्ष कर सत्ता अपनी हाथ में लेनी चाहिए। श्रवणप्रकाश ने कहा कि शिक्षा का बाजारीकरण कर उसे आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया गया है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप लागू कर निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अवसर पर अमरीश कुमार, बलिराम पटेल, चंद्रिका प्रसाद सिंह पटेल, शिवगोविंद सिंह कुशवाहा, चौधरी मुसाफिर बिंद, रामनिवास यादव, डा. सुजीत विश्वकर्मा ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बृजेश बिंद, जगदीश सिंह कुशवाहा, रोहित कुमार, अमरेश भारती, पारसनाथ यादव, हरिकेश यादव, अशोक चौहान, शशिकांत बिंद्रा, सूरजराम बागी, आदित्य आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता संरक्षक डा. मनिराम सिंह कुशवाहा तथा संचालन राजकुमार सिंह कुशवाहा ने किया।
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